शहर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था संभाले भूरागढ़ फीडर बुधवार की रात करीब डेढ़ धड़ाम हो गया। इससे 13 घंटे तक शहर के चौथाई हिस्से की बिजली गुल रही। इस दौरान जलापूर्ति भी नहीं हुई। खास बात ये रही कि रमजान माह मेें बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने के सीएम के फरमान का कारपोरेशन के अफसरों पर फर्क नहीं पड़ा है। फाल्ट को देखने कोई भी बड़ा अफसर मौके पर नहीं पहुंचा।
भूरागढ़ गांव में स्थापित फीडर से शहर के एक दर्जन से ज्यादा मोहल्लों के अलावा जल संस्थान के इंटेकवेल और पंप स्टेशनों को बिजली मिलती है। यह फीडर शहर से बाहर होने से लावारिस जैसा है। मंडल मुख्यालय में बैठने वाले अवर अभियंता से लेकर चीफ इंजीनियर तक यहां कभी नहीं फटकते।
सेवानिवृत्त कर्मचारी सबस्टेशन चला रहे हैं। आए दिन इसमें फाल्ट हो रहे हैं। बुधवार की रात करीब डेढ़ बजे यहां 10 केवी ट्रांसफार्मर में तेल रिसाव के बाद आग लग गई। इसके बाद इंकमिंग सीटी व लीड फुंक गई। इससे यहां से सप्लाई ठप पड़ गई। सबस्टेशन में धुआं भर गया। कुछ दूरी पर हाईटेंशन की दो लाइनें टूटकर गिर गईं। करीब 10 हजार से ज्यादा उपभोक्ता आधी रात के बाद सो नहीं सके। सुबह नलों में पानी भी नहीं आया।
सबस्टेशन पर मौजूद जेई आरपी सिंह ने बताया कि मरम्मत के लिए 8 कर्मचारियों को लगाया। लगभग 13 घंटे की मशक्कत के बाद गुरुवार को दोपहर बाद 3 बजे आपूर्ति बहाल हुई। उधर, इन 13 घंटों मेें पावर कारपोरेशन का कोई बड़ा अधिकारी भूरागढ़ झांकने नहीं आया। रात को उपभोक्ता फोन करते रहे पर रिसीव नहीं हुआ।