बांदा। बिजली की कटौती को लेकर जनता का आक्रोश अब सड़क पर दिखने लगा है। बिसंडा में रविवार को प्रदर्शनकारियों पर पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा था। इसके बावजूद सोमवार को बिजली आपूर्ति में कोई सुधार नहीं हुआ। रात में 220 केवी उपकेंद्र तिंदवारी रोड में फाल्ट से पूरा शहर व कई गांव चार घंटे अंधेरे में रहे। सोमवार को शाम पीलीकोठी उपकेंद्र में फाल्ट से कई घंटे बिजली गुल रही।
जनपद में सप्ताह भर से तेज धूप और उमस के कारण गर्मी चरम पर है। ऐसे में बिजली की खपत व लोड बढ़ा है। ऐसे में बिजली विभाग के केबल व ट्रांसफार्मर जवाब दे रहे हैं। शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में दस-दस घंटे बिजली आंख मिचौली कर रही है। आक्रोशित जनता ने रविवार को बिसंडा में हाइवे जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। हालात बिगड़े तो पुलिस ने जनता पर लाठियां भांजी। अधिकारियों ने सुधार का आश्वासन जरूर दिया, पर दूसरे दिन भी वही आंख मिचौली चलती रही। तिंदवारी रोड स्थित 220 केवी उप केंद्र में रविवार को रात आठ बजे फाल्ट से पूरे शहर व आसपास के 20 गांवों की आपूर्ति फेल हो गई। इससे रात 12 बजे तक लोग अंधेरे में रहे। वहीं सोमवार को सुबह से आंख मिचौली शुरू हुई तो पूरे दिन चली।
अतर्रा चुंगी, खाईंपार, मर्दननाका, छोटी बाजार, स्वराज कालोनी, शांति नगर आदि मोहल्लों में दिन में लोग लोवोल्टेज और बिजली की आवाजाही से परेशान रहे। शहरवासियों का कहना है कि रिवैंप योजना में करोड़ों रुपये खर्च कर बिजली विभाग बिजली आपूर्ति ढंग से नहीं कर पा रहा है। गर्मी व उमस में बच्चे व महिलाएं परेशान हैं। वहीं शाम को पीलीकोठी उप केंद्र में फाल्ट से बिजली गुल हो गई। लोग अधिकारियों के फोन घनघनाते रहे, पर उठे नहीं। रात दस बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल न होने से करीब 50 हजार की आबादी परेशान रही। उधर, अधिशासी अभियंता नगरीय मंदीप सिंह का कहना है कि मुख्य लाइन में फाल्ट की वजह से शटडाउन लिया गया था। जहां तार जलने व टूटने की शिकायतें आईं, वहां टीम को भेजकर दुरुस्त कराया जा रहा है।