बांदा। जानवरों की लड़ाई में किसान की मारपीट कर हत्या करने के मामले में दोषी पिता-पुत्र को अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश ईसीएक्ट छोटेलाल यादव की अदालत ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 13-13 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की अदायगी न करने पर एक-एक साल की सजा काटनी होगी।
बिसंडा थाना क्षेत्र के हस्तम गांव निवासी बिंदा प्रसाद प्रजापति ने थाने में तहरीर देकर बताया कि 29 मई 2013 को दोपहर करीब तीन बजे दिन में अपने दरवाजे पर बैठा था। उसी के गांव के दद्दू उर्फ रामखेलावन व उसका पुत्र रमाकान्त उर्फ लाला अपने हाथ में लाठी, डंडा लिए आए और अभद्रता करने लगे। कहा कि बिंदा प्रसाद तुमने जानवरों को हमारे जानवरों से लड़ा दिया है।
बिंदा प्रसाद ने कहा कि मैने नहीं लड़ाया है। इसी बात पर बिंदा व उसके पिता भोला प्रसाद को मारा-पीटा इससे दोनों को चोंटें आईं। उन्होंने कहा कि अगर थाने में रिपोर्ट किया तो इसी तरह मारेंगे। पुलिस ने एनसीआर में रिपोर्ट दर्ज की थी। बाद में इलाज के दौरान भोला की मौत हो गई थी। तब विवेचक ने हत्या की धारा बढ़ोत्तरी कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान 10 गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों व अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद दद्दू उर्फ रामखेलावन व उसके पुत्र रमाकान्त उर्फ लाला को सजा सुनाई है।