गोष्ठी में पर्माकल्चर खेती पर चर्चा करते किसान
- फोटो : BANDA
बांदा। बुंदेलखंड में पर्माकल्चर/ परंपरागत खेती को बढ़ावा देने की चल रही कवायदों की श्रंखला में रविवार को पचनेही गांव स्थित फीनिक्स कृषि फार्म में किसानों की गोष्ठी हुई। अनुभवी किसानों ने पर्माकल्चर खेती के लाभ बताते हुए इसे अपनाने पर जोर दिया।
आईपीएस अधिकारी और मध्य प्रदेश में अपर पुलिस महानिदेशक राजा बाबू सिंह की प्रेरणा से उनके पैतृक गांव में आयोजित गोष्ठी में किसान और अधिवक्ता राजेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि पर्माकल्चर खेती स्थाई है। इसमें कई किस्म के पौधे लगाए जाते हैं। इनके साथ परंपरागत खेती भी की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि इस गांव के बाशिंदे और एडीजी राजाबाबू इस पर पूरा प्रयास कर रहे है। जल संचयन भी जरूरी है। उपनिरीक्षक और किसान घराने अखिलेश सिंह ने भी पर्माकल्चर खेती को मुफीद बताया। किसान जयराम सिंह ने कहा कि इस मुहिम को ज्यादा से ज्यादा किसानों तक पहुंचाया जाएगा। प्रगतिशील किसान ललक सिंह ने कहा कि खेती के लिए बुंदेलखंड में पर्माकल्चर कृ षि फायदेमंद है।
गोष्ठी में कमलेश तिवारी, उमेश गुप्ता, शांति भूषण सिंह,संजय सिंह, मलखे श्रीवास, राघवेंद्र सिंह आदि ने भाग लिया।