राष्ट्रीय राजमार्ग में जाम लगाए किसान।
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धान खरीद में मनमानी के खिलाफ किसान फिर सड़क पर उतरे। खुरहंड स्टेशन में नेशनल हाइवे जाम कर नारे लगाए और धान खरीद शुरू कराने की मांग की। थानाध्यक्ष ने समझा-बुझाकर करीब डेढ़ घंटे बाद जाम खत्म कराया।
धान खरीद केंद्रों पर प्रभारी उच्चाधिकारियों के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे हैं। परेशान किसान दलालों को अपनी उपज बेचने को मजबूर हो रहे हैं। अतर्रा में धान खरीद को लेकर किसानों का बवाल थमा नहीं है कि खुरहंड स्टेशन में खुले धान क्रय केंद्र में किसान सड़क पर उतर आए।
सोमवार को इलाहाबाद-झांसी हाईवे पर चक्का जाम कर प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि क्रय केंद्र में करीब 100 किसान अपना धान लिए पड़े हैं। उनका नंबर ही नहीं आ रहा है। दलालों के जरिए आया धान तुरंत तौला जा रहा है। केंद्र प्रभारी रसूख वाला है। किसानों से अभद्रता करता है। धान तौल के एवज में बड़ा कमीशन मांगता है।
जाम में इलाहाबाद और बांदा की ओर हाइवे में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना पर गिरवां थानाध्यक्ष केपी दुबे ने किसानों को समझाया-बुझाया। केंद्र प्रभारी को बुलाकर धान की तौल शुरू कराई। किसान गनेश प्रसाद, नन्ना राजपूत, श्याम सुंदर और बृजगोपाल शुक्ला आदि ने कहा कि वह 15 दिन से धान लिए पड़े हैं। उनकी न तो अधिकारी सुन रहे हैं और न ही प्रभारी। धान खरीद को एक दिन और बचा है।