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किसान दिल-दिमाग से मजबूत होता है, सुसाइड न करें

Fri, 01 May 2015 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुंदेलखंड में किसानों की आत्महत्याओं पर कहा है कि गांव का किसान-मजदूर दिल-दिमाग से मजबूत होता है। उसे आत्महत्या नहीं करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में भूकंप से मरने वालों के परिवारों को 7 लाख रुपये आर्थिक मदद दिए जाने की घोषणा की। सदमे या सुसाइड से मरने वाले किसानों के बारे में कोई घोषणा नहीं की।
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बृहस्पतिवार को यहां सपा विधायक विशंभर सिंह यादव के बेटे गौरव यादव की शादी में शरीक होने आए मुख्यमंत्री ने वापस लौटते समय हेलीपैड पर चंद मिनटों के लिए मीडिया से बात की। उन्होंने किसानों की आत्महत्या से ज्यादा महत्व भूकंप को दिया और इसी से शुरुआत की।

प्रदेश सरकार द्वारा नेपाल और प्रदेश के भूकंप पीड़ितों को पहुंचाई गई सरकारी मदद का बखान किया। बुंदेलखंड में सुसाइड और सदमे से हो रही मौतों पर कहा कि गांव के किसानों को सुसाइड नहीं करना चाहिए। वह दिल-दिमाग से मजबूत होते हैं। मुख्यमंत्री ने बर्बाद फसलों के सदमे या सुसाइड करने वाले किसानों को आर्थिक मदद के बारे में कुछ नहीं बोला।
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अलबत्ता भूकंप से मौत पर 7 लाख रुपये देने की घोषणा जरूर कर दी। यह भी कहा कि उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग पढ़ी है। वह बखूबी समझते हैं कि भूकंप से क्या असर पड़ेगा, इसीलिए भूकंप आते ही उन्होंने दो दिन के लिए स्कूलों में छुट्टी कर दी।

कहा कि यूपी पहला प्रदेश है जिसने सबसे पहले नेपाल की मदद की। आगे भी मदद की जाएगी। सीएम ने कहा कि बुंदेलखंड के विकास को लेकर उनकी सरकार गंभीर हैं। जबसे वे मुख्यमंत्री बने हैं, सबसे ज्यादा मर्तबा बुंदेलखंड आए हैं। सिर्फ बांदा में अब तक 4 बार आ चुके हैं।

उन्होंने कहा कि महोबा में सोलर प्लांट लग रहा है। ललितपुर में सोलर प्लांट तैयार हो गया है। जल्द ही वह उद्घाटन करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी और रामगोविंद सिंह भी थे।

इन्हें मिला चेक
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने  शबाना खातून (कल्हरा, नरैनी), रेखा देवी (नरायढ़), कुसुमा (खप्टिहाकलां), प्रेमलता (अमलोरा, अतर्रा), सियादुलारी (ओरन), चंद्रकलिया (बदौसा), सुनैना (बिसंडा), उर्मिला (खटौरा), झुल्ली देवी (बबेरू), नीलू सिंह (बिनवठ, बबेरू), रमकलिया, उमा शुक्ला (बिनवठ) को दुर्घटना बीमा के 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी। इनके अलावा कुमारी मंजू देवी (खप्टिहाकलां), जगन्नाथ (पिंडारन) को 5-5 लाख के अलावा 2-2 लाख रुपये के चेक खलिहान बीमा दुर्घटना के दिए।

सरकारी पत्र को सपाई रंग में रंगा
बांदा। मुख्यमंत्री को खुश करने में यहां के अफसरों ने कई सीमाएं लांघ डालीं। लाभार्थियों को कृषक दुर्घटना बीमा योजना का सौंपा गया स्वीकृति पत्र सपा के रंग में रंगा दिखा। इस पर उत्तर प्रदेश सरकार का मोनोग्राम भी था। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का फोटो भी था। यह पत्र डीएम सुरेश कुमार और एडीएम डीएस पांडेय द्वारा जारी किया गया था। पत्र के ऊपर सपा के झंडे की चौड़ी हरी और लाल पट्टी थी। पत्र के चारों तरफ सपा के झंडे का बार्डर था।

वर-वधू को सीएम ने दिया आशीर्वाद
बांदा। हेलीपैड से सीएम का काफिला सीधे सारंग होटल में सपा विधायक विशंभर सिंह यादव के बेटे और कोआपरेटिव बैंक चेयरमैन गौरव यादव के शादी समारोह में पहुंचा। यहां सीएम लगभग आधा घंटा रहे। वर गौरव यादव और वधू सौम्या को आशीर्वाद दिया। उनके साथ बैठकर फोटो खिंचवाई।

इस समारोह के लिए सिर्फ 250 लोग को ही न्योता भेजा गया था। इनकी लिस्ट होटल के गेट पर तैनात पुलिस अफसरों को दे दी गई थी। पुलिस ने हरेक आगंतुक को जांच के बाद अंदर जाने दिया। बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी ने नवदंपति को बंद लिफाफे में तोहफा भेंट किया। मेजबान विधायक विशंभर सिंह यादव ने मुख्यमंत्री समेत सभी मेहमानों की जमकर खातिरदारी की।

मंत्री राजेंद्र चौधरी सहित सपा जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी, सांसद विशंभर निषाद, चित्रकूट विधायक वीर सिंह पटेल, पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल, पूर्व एमएलसी युवराज सिंह, पीयूष गुप्ता, राजेंद्र यादव, इमरान अली राजू, हसन सिद्दीकी, पूर्व विधायक (फतेहपुर) अमरजीत सिंह, परवेज आलम, रामकरन साहू, तुलसीराम यादव अड्डू, अमिता वाजपेयी आदि उपस्थित रहे। गुरुधाम आश्रम (चित्रकूट) महंत उदयभान शास्त्री ने मंत्रोच्चार के बीच रस्में अदा कराईं। वर गौरव और वधू सौम्या ने एक-दूसरे को अंगूठी पहनाई।

महिला ने किया हंगामा
हेलीपैड में कालू कुंआ निवासी आशा देवी की पुत्री पल्लवी ने मुख्यमंत्री से मिलने की अनुमति न मिलने पर हंगामा मचा दिया। वह रो पड़ी। आरोप लगाया कि पुलिस की उसके दुश्मनों के साथ साठगांठ है, इसलिए उसे नहीं मिलने दिया गया। बाद में डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी ने उससे प्रार्थना पत्र लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

दो घंटा ठप रही आम जिंदगी
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से शहर के कई इलाकों में लगभग दो घंटा आवाजाही ठप रही। हेलीकाप्टर के आने से एक घंटा पहले मुख्यमंत्री के गुजरने वाले रूट पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई थी। पैदल राहगीरों को भी नहीं जाने दिया गया। तमाम मरीज जिला अस्पताल नहीं जा पाए।

वकील कचहरी और वादकारी अदालत जाने में लेट हुए। रूट के हर चौराहे और गली में बैरियर लगा दिया गया था। कुछ स्थानों पर लोगों की पुलिस कर्मियों से नोकझोंक भी हुई। मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर दोपहर करीब 12 बजे उड़ान भर गया, तब रास्ते खोले ग।ए
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