मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बृहस्पतिवार को यहां हेलीपैड पर आयोजित चेक वितरण कार्यक्रम में उस समय कुछ देर के लिए अवाक रह गए जब उनके सवाल पर एक महिला से उन्हें अनपेक्षित जवाब मिला। दरअसल महिला को चेक देते हुए उन्होंने पूछा कि किस पार्टी की सरकार की ओर से सहायता राशि का चेक दिया जा रहा है। महिला ने जवाब दिया, हमें नहीं पता। मुख्यमंत्री ने आगे पूछा, हमें जानती हैं। महिला ने कहा, नहीं। इस पर मुख्यमंत्री ने पार्टी नेताओं की ओर नजर घुमाई तो कइयों ने पैर पीछे खींच लिए।
विधायक विशंभर सिंह यादव के पुत्र के विवाह समारोह में शामिल होने आए मुख्यमंत्री सुबह 11 बजे हेलीकाप्टर से पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर उतरे और चंद कदम दूर ही बने पंडाल में पहुंचे। यहां उन्हें किसान दुर्घटना बीमा योजना के 11 और खलिहान बीमा दुर्घटना के दो चेकों का वितरण करना था।
कार्यक्रम शुरू होने के बाद चेक देते समय महिला से सवाल पूछने पर वह जैसे खुद ही झेप गए। महिला ने जब यह कहा कि वह सबेरे से बैठी है, यहां कोई इंतजाम नहीं है तो उनके चेहरे की रंगत ही बदल गई। अफसरों ने महिला को समझाना चाहा तो सीएम ने उन्हें टोक दिया।
बोले, इन्हें बोलने दें। आप लोग बीच में न बोलें। महिला का जवाब सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने अगल-बगल खड़े होने की कोशिश कर रहे पार्टी नेताओं की ओर नजर घुमाई तो सब पीछे खिसक लिए। मुख्यमंत्री ने पंडाल में मौजूद किसानों से अपील कि आत्महत्या न करें।
किसान मजबूत दिल दिमाग का होता है। उन्होंने किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का हवाला देते हुए कहा कि सरकार हमेशा किसानों के साथ है। यह भी जोड़ा कि सपा सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी नहीं है। यह पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं की कमी है।