पैलानी (बांदा)। अन्ना मवेशियों से फसलें बचाने के लिए किसानों को पूस की रात खेतों में काटनी पड़ रही है। अन्ना गोवंश जरा सा मौका पाते ही फसल चर लेते हैं। इस कारण किसान शाम होते ही खेतों में पहुंच जाते हैं। पूरी रात जगकर फसल की रखवाली करने के लिए मजबूर हैं।
तहसील क्षेत्र के अलोना, खप्टिहाकलां, पैलानी, सिंधन, पिपरहरी, गजहा डेरा, छनिहा डेरा सहित कई गांवों के किसान इन दिनों अन्ना गोवंशों से फसलें बचाने के लिए दिन-रात एक कर दिए हैं। खेतों में बोई मटर, गेहूं, चना आदि की फसलों को बचाना मुश्किल हो रहा है। अन्ना गोवंश का झुंड खेतों में खड़ी फसलों को मौका पाते ही चर लेते हैं। कुछ किसान खेतों पर मचान बनाकर समूहों के रूप में फसलों की रखवाली कर रहे हैं।
खप्टिहाकलां के किसान अंकित तोमर, बुधराज यादव, सुनील लाला, राजेंद्र यादव, अशोक द्विवेदी, दुर्गा यादव, दिनेश तिवारी, उमाशंकर दुबे, बच्चू शुक्ला, मनोज शुक्ला, रामकिशोर प्रजापति, विष्णु यादव, जगन्नाथ निषाद ने बताया कि क्षेत्र के कई गांवों में 400 से ज्यादा गोवंशों का झुंड घूमता रहता है। जो रात के समय फसलों को निशाना बना रहे हैं। किसान बडकू निषाद, टंडन सिंह, जगतपाल निषाद, महेंद्र सिंह का कहना है कि गांवों की गोशालाएं खाली हैं। गोवंश बाहर घूम रहे हैं। किसानों की समस्या पर बात करने पर एसडीएम शशिभूषण मिश्रा का कहना है कि गोशालाओं का समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है। गोवंशों के बाहर होने की जानकारी मिलने पर गोशाला संचालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।