दैवीय आपदा से बर्बाद हुए किसानों के ट्रैक्टर स्टेट बैंक द्वारा नीलाम कर दिए जाने पर उनमें भारी रोष है। इसे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को चुनौती बताया गया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने ट्रैक्टर वापस न होने पर स्टेट बैंक की ब्रांचों में ताला जड़ देने की चेतावनी दी है। भारतीय किसान यूनियन प्रदेश अध्यक्ष ने नीलामी कार्रवाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में किसानों को शपथ पत्र देने की सलाह दी है।
भारतीय स्टेट बैंक ने सोमवार को ई-नीलामी के जरिए चित्रकूटधाम मंडल के हमीरपुर, बांदा और महोबा जनपदों के 18 बकाएदार किसानों के ट्रैक्टर नीलाम कर दिए। ‘अमर उजाला’ ने मंगलवार को यह खबर प्रमुखता से छापी तो इसके विरुद्ध चौतरफा प्रतिक्रियाएं गूंज उठीं। बुंदेलखंड में किसानों के लिए काम कर रहे समाजसेवी पुष्पेंद्र भाई ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट समेत कई अधिकारियों को पत्र लिखा है।
कहा है कि बैंक की इस कार्रवाई से हालात बेकाबू हो जाएंगे। आत्महत्याएं बढ़ जाएंगी। वर्ष 2005 से अब तक बुंदेलखंड में किसानों के लगभग एक हजार ट्रैक्टर स्टेट बैंक छीन चुका है। इस सदमे में करीब दो दर्जन किसानों की मौत हुई है। हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देकर कहा कि किसानों के साथ वसूली में ऐसी कार्रवाई करने पर बैंक के खिलाफ एफआईआर की जानी चाहिए। किसानों को ट्रैक्टर वापस दिलाए जाएं।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला कौंसिल की मंगलवार को डॉ. केवल सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। राज्य कौंसिल सदस्य डॉ. रामचंद्र सरस ने कहा कि बैंक किसानों के जख्मों पर मिर्च डाल रहे हैं। रणवीर सिंह चौहान ने कहा कि किसान भारत सरकार के निशाने पर है। बहुराष्ट्रीय और बीमा कंपनियों को मान्यता देकर किसान विरोधी नीतियां बनाई जा रही हैं।
सचिव विद्यानंद शुक्ल ने नीलामी कार्रवाई का संगीन अपराध बताया। श्याम सुंदर राजपूत ने चेतावनी दी कि बैंक नीलामी रद्द कर किसानों के ट्रैक्टर वापस करे नहीं तो ब्रांचों में ताला बंद करेंगे। बैठक में जयकरन प्रजापति, रामदास, देवीदयाल गुप्त, रामचंद्र वर्मा, मदन मोहन शर्मा, नाथूराम लोधी, नरेंद्र पुंडरीक, गोपाल कृष्ण श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।
‘सुप्रीम कोर्ट ने 11 जुलाई 2013 को आदेश में स्पष्ट कहा है कि एक लाख रुपये तक के बकाएदार किसानों के साथ कोई कार्रवाई न की जाए। इससे अधिक के बकाएदार किसान अगर स्वेच्छा से अदायगी करते हैं तो बैंक ले ले। उन्हें किसी भी तरह से प्रताड़ित न किया जाए
इससे पूर्व 15 जुलाई 2011 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किसानों से सभी तरह की वसूली पर रोक लगा दी थी। स्टेट बैंक हाईकोर्ट के इसी आदेश के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट गया था। मेरी सलाह है कि जिन किसानों के ट्रैक्टर नीलाम हुए हैं वह हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट मेें हलफनामे देकर शिकायत करें’।- डॉ.साहबलाल शुक्ला, प्रदेशाध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन
‘मुख्यमंत्री द्वारा किसानों की मौत पर 5 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा उचित नहीं। यह तो आत्महत्याओं को प्रोत्साहन देने जैसा है। मुख्यमंत्री किसानों के हमदर्द हैं तो कुछ ऐसा करें कि सुसाइड या सदमे से मौत की नौबत ही न आए। किसानों को चाहिए कि वह आत्हत्या हरगिज न करें। जिंदगी रहेगी तो फिर कमा लेंगे’।-आशीष सागर, प्रवास सोसायटी, बांदा
फाइसेंस कंपनियों की गुंडई पर मंत्री से शिकायत
बांदा। बैंकों द्वार दंबगई पूर्वक किसानों से ट्रैक्टर छीन लेने के मामले में सपा नेता मोहम्मद असलम खां ने लखनऊ में ग्राम्य विकास मंत्री अरविंद सिंह गोप से मिलकर फाइनेंस कंपनियों और बैंकों की शिकायत की। बकौल सपा नेता मंत्री ने पुलिस अधीक्षक को फाइनेंस कंपनियों और उनके गुंडों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
सपा नेता ने बताया कि पैलानी तहसील के सबादा गांव में जावेद खां पुत्र जाबिर का ट्रैक्टर फाइनेंस कंपनी ने छीन लिया। एसपी के निर्देश के बाद पैलानी थानाध्यक्ष ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। अब 18 ट्रैक्टर और नीलाम कर दिए गए। केंद्रीय वित्त मंत्री आपदा पीड़ित किसानों को यह ट्रैक्टर वापस दिलाएं।