बांदा। बुंदेलखंड किसान यूनियन ने शासन और प्रशासन पर किसानों की समस्या हल करने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
बड़ी
संख्या में मंडल के चारों जिलों से आए किसान कलेक्ट्रेट के पास आमरण अनशन
पर बैठ गए हैं। किसान नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकारों को आड़े हाथों
लिया।
यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा के नेतृत्व
मेें प्रदर्शन के बाद आमरण अनशन शुरू हुआ। सैकड़ों किसान सिर पर यूनियन की
टोपी और हाथों में लाठियों से लैस थे। धरना लगभग दिन भर चला।
पिछली बार हुए हंगामे से चौकन्ना प्रशासन ने सुबह से ही कलेक्ट्रेट के आसपास पुलिस की तगड़ी व्यवस्था कर रखी थी।
आमरण
अनशन का एलान करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि मांगे पूरी होने तक सभी किसान
डटे रहेंगे। किसानों के सभी कर्ज माफ और 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेअर का
मुआवजा मांगा।
बुंदेलखंड को अकालग्रस्त घोषित करके राहत कार्य और
प्रधानों को पूरे अधिकार की भी वकालत की। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रवण कुमार
शर्मा ने कहा कि किसान भीख नहीं हक मांग रहा है।
किसान को लेखपाल से लेकर अफसर तक अपमानित करता है।आत्म प्रकाश (हमीरपुर) और कृष्ण कुमार गौतम ने घूसखोरी पर रोष जताया।
प्रदेश
प्रभारी गणेश प्रसाद शर्मा ने दलालों को चेतावनी दी। सभा को हमीरपुर के
मंगल सिंह राजपूत, चित्रकूट के यदुनंदन सिंह यादव, राम सिंह, रावेंद्र
पांडेय, रामू सिंह, महोबा की कुमारी मिथलेश वर्मा ने भी संबोधित किया।