बांदा। आपरेशन मुस्कान के तहत गुमशुदा या पलायित
बच्चों के बारे में अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है। बुंदेलखंड में
सूखे और अकाल के चलते बाल व्यापार के मंडराते खतरे को देखकर जन जागरण
अभियान शुरू किया गया है।
बुधवार को चाइल्ड लाइन और बाल संरक्षण इकाई तथा प्रोबेशन विभाग ने संयुक्त रूप से कैंप लगाकर राह चलते लोगों को जानकारियां दीं।
महिला
एवं बाल विकास विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा चलाई जा रही योजना के तहत 18
वर्ष से कम उम्र के लापता बच्चों के रेसक्यू एवं री-हैबिलीटेशन के लिए
जनवरी में आपरेशन इस्माइल (मुस्कान) अभियान चलाया जा रहा है।
इसमें
बताया जा रहा है कि लापता होने या पलायन करने वाले बच्चों की सूचना तत्काल
पुलिस स्टेशन या विशेष किशोर पुलिस यूनिट अथवा एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग
यूनिट या बाल कल्याण समिति को दें।
समिति अध्यक्ष चंद्रमौलि
श्रीवास्तव की अध्यक्ष में अभियान के दूसरे चरण में बुधवार को अशोक लाट में
लोगों को पर्चे आदि बांटकर अभियान की जानकारियों दी गईं।
चाइल्ड
वेलफेयर कमेटी सदस्य महेंद्र सिंह गौतम ने बताया कि बुंदेलखंड के मौजूदा
हालात में बाल व्यापार की संभावनाएं बढ़ी हुई हैं। इसे रोकने के लिए अभियान
जरूरी है।
जागरूकता शिविर में चाइल्ड लाइन के संजय कुमार, सूरज
सिंह, मनरूप सिंह, शंभू प्रसाद, संतोष द्विवेदी, संरक्षण अधिकारी राजीव
प्रताप सिंह, भावना श्रीवास्तव, मनोज कुमार राठौर, सतीश कुमार, संगीता
यादव, जय नारायण इत्यादि शामिल रहे।