बांदा। जेल के बंदियों के परिजनों की समस्याओं के निस्तारण में अब जेल प्रशासन भी भागीदार बनेगा। नई व्यवस्था के तहत जेल में एक रजिस्टर रखा गया है। बंदियों से मिलने आने वाले उनके परिजन इसमें अपनी घरेलू या गांव की समस्या दर्ज कर सकेंगे। जेल प्रशासन इन्हें संबंधित विभाग को भेजकर निदान कराने का प्रयास करेगा। यह व्यवस्था डीएम हीरा लाल ने लागू की है। वह हर माह इसकी समीक्षा भी करेंगे।
डिप्टी जेलर वीरेश्वर प्रताप ने बताया कि डीएम के निर्देश पर जेल में एक शिकायत रजिस्टर रखा गया है। इसमें बंदी से मुलाकात करने आने वाले उनके परिजन अपनी निजी शिकायत दर्ज कराएंगे। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से शुरू हो गई। कई बंदियों के परिजनों ने अपनी समस्याएं रजिस्टर में अंकित की हैं। इनमें ज्यादातर पुलिस से संबंधित मामले हैं। इन्हें पुलिस अधीक्षक को भेजा गया है। पुलिस अधीक्षक स्तर से कार्रवाई हुई है।
कारागार अधीक्षक आरके सिंह का कहना है कि इस व्यवस्था उन बंदियों को खासतौर से लाभ मिलेगा जिनके परिवार में कोई पुरुष पैरोकार नहीं है। महिलाएं और बच्चे ही हैं। उनकी समस्या को जेल प्रशासन के जरिए निस्तारित कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी की इस पहल से बंदी खुश हैं।
जेल में पॉलिथीन पर पूरी तरह रोक
बांदा। जेल में पॉलिथीन व प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसकी जानकारी के लिए जेल परिसर में जगह-जगह सूचना चस्पा की गई है। बंदियों से मिलने आने वाले मुलाकातियों को भी पॉलिथीन में सामान जेल के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं है। उनके सामान की छानबीन की जाती है। पॉलिथीन के साथ जेल में दाखिल होने वाले मुलाकातियों की अनुमति पर्ची निरस्त कर दी जाएगी।