तिंदवारी। गांवों में नल कनेक्शनों के फर्जीवाड़े से सरकारी खजाने को हर वर्ष लंबी चपत लग रही है। इलाके के तमाम गांवों में सैकड़ों फर्जी नल कनेक्शन चल रहे हैं। आरोप है कि प्रत्येक कनेक्शन में 1000 रुपये वसूले गए हैं। साथ ही हर माह कनेक्शनधारकों से 600 रुपये प्रतिमाह वसूला जा रहा है। इससे जल संस्थान को लाखों रुपये की चपत लग रही है।
जल संस्थान का यह गोरखधंधा एक लिपिक द्वारा किया जा रहा है। यह लिपिक यहां करीब दो दशक से तैनात है। कई बार की गई शिकायतें ठंडे बस्ते में चली गईं। बताया जाता है कि अवर अभियंता अधिकांश कार्यालय नहीं आते। इसका भरपूर फायदा लिपिक उठा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक जल संस्थान अभिलेखों में गरौती गांव में 12, पिपरगंवा में 80 कनेक्शन दर्ज हैं, जबकि इन गांवों में इससे कई गुना कनेक्शन चल रहे हैं। यहीं स्थिति भुजौली, मुंगुस, धौंसड़, परसौड़ा, भिड़ौरा, मिरगहनी, माटा, जसईपुर, छापर आदि गांवों की हैं। वैध कनेक्शनधारकों के यहां भले ही पानी न पहुंच रहा हो लेकिन अवैध कनेक्शनों में भरपूर आपूर्ति हो रही है।
एक्सईएन बोले, लिस्ट दीजिए, जांच कराएंगे
नल कक्नेशनों के फर्जीवाड़े और जल संस्थान को लाखों का चूना लगने की बाबत जल संस्थान के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव का अजब जवाब रहा। फोन पर बोले- हरेक गांव के फर्जी कनेक्शनों की लिस्ट उपलब्ध करा दें। जांच करा ली जाएगी।
अधिशासी अभियंता बोले- फोन पर इस बारे में ज्यादा बात नहीं कर सकते। उधर, जल संस्थान लिपिक धनंजय श्रीवास्तव का कहना था कि हम किससे लड़ाई मोल लें? किसी को दिक्कत है तो थाने में रिपोर्ट लिखाए। फर्जी कनेक्शनों में उनका कोई हाथ नहीं है।