बांदा। शराब पीकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से अभद्रता करने वाले बाल विकास परियोजना अधिकारी पर आयुक्त व डीएम के आदेशों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि उसे दो परियोजनाओं का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया। शिकायत के बाद शासन ने इसे गंभीरता लिया है। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशक ने जिला कार्यक्रम अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही वसूली के आरोपी ब्लॉक को-आर्डिनेटर को तत्काल जसपुरा परियोजना से हटाने के आदेश दिए हैं।
बाल विकास परियोजना अधिकारी जसपुरा राम साहब यादव पर अक्टूबर 2024 को आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने आरोप लगाया था कि यह शराब पीकर मीटिंग के दौरान पैसों की मांग करते हैं। पैसा न देने पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। नौकरी से निकाल देने की धमकी दी जाती है। इन्होंने ब्लॉक को-आडिनेटर योगेंद्र को वसूली के लिए लगा रखा है। योगेंद्र केंद्रों में जाकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से पैसों की वसूली करता है। डीएम के आदेश पर मुख्य विकास अधिकारी वेद प्रकाश मौर्य ने मामले की जांच की और परियोजना अधिकारी व मुख्य सेविका को परियोजना से स्थानांतरित करने की बात कही, लेकिन डीएम के आदेश के बाद भी परियोजना अधिकारी को जसपुरा से नहीं हटाया गया। उन्हें दो परियोजनाओं का अतिरिक्त प्रभार दे दिया। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशक सरनीत कौर ने इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। जिला कार्यक्रम अधिकारी दिलीप कुमार पांडेय को नोटिस जारी कर सात दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही वसूली के आरोपी ब्लॉक को-आर्डिनेटर योगेंद्र कुमार को तत्काल जसपुरा परियोजना से हटाकर किसी दूसरी परियोजना में स्थानांतरित करने के आदेश दिए हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी दिलीप पांडेय का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के भ्रष्टाचार पर नकेल कसी गई तो वह परियोजना अधिकारी पर झूठे आरोप लगाने लगी। नोटिस का जवाब दिया जाएगा।