बांदा। संभागीय परिवहन विभाग के नो हेलमेट नो फ्यूल अभियान की हवा निकल गई। पेट्रोल पंप संचालकों का सहयोग न मिलने से अभियान परवान नहीं चढ़ सका। गुरुवार को बिना हेलमेट के पेट्रोल लेने आने पर 25 बाइकों का चालान किया गया।
पहली सितंबर से शुरू हुए नो हेलमेट नो फ्यूल अभियान को खत्म होने में पांच दिन और बाकी हैं। 30 सितंबर से यह अभियान खत्म हो जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए परिवहन विभाग के अधिकारियों ने काम तो किया, लेकिन पेट्रोल पंप संचालकों ने इनका कोई सहयोग नहीं किया। बिना हेलमेट के धड़ाधड़ पेट्रोल बाइकों में भरा जा रहा है।
संभागीय परिवहन विभाग के यात्री व माल कर अधिकारी रामसुमेर यादव ने गुरुवार को अतर्रा क्षेत्र के पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया। वहां पर पंप संचालकों को हिदायत दी कि बिना हेलमेट के बाइक सवारों को पेट्रोल कतई न दिया जाए। इस दौरान पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट लगाए बाइक पर पेट्रोल भरवाने आने वाले लोगों के 25 दोपहिया वाहनों का चालान किया।
इसके साथ ही बाइक सवारों को हेलमेट लगाकर दोपहिया वाहन चलाने के लिए जागरूक किया। गौरतलब हो कि सड़क सुरक्षा समिति की बैठक के दौरान मंडलायुक्त व जिलाधिकारी ने निर्देश दिए थे कि पेट्रोल पंप संचालक बिना हेलमेट के दोपहिया बाइक सवारों को पेट्रोल न दें, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। इस तरह से नो हेलमेट नो फ्यूल अभियान की हवा निकल गई।