बांदा। मशहूर शायर अदम गोंडवी ने लिखा था कि... तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है, मगर ये आंकड़े झूठे हैं, ये दावा किताबी हैं। पीने के पानी के लिए चर्चित जल जीवन मिशन की ‘हर घर नल जल योजना’ की सोमवार को पड़ताल की गई तो कुछ ऐसा ही हाल दिखा।
कहीं पाइप लाइन टूटी है तो कहीं पाइप लाइन बिछाने का काम अधूरा। कनेक्शन है तो पानी नहीं आ रहा। जहां पानी आ रहा है, वहां कनेक्शन नहीं है। लीकेज पाइप लाइनों से जलभराव की समस्या हो गई है। खोदे हुए गड्ढों को खुला छोड़ दिया गया है। बारिश के मौसम में मिट्टी का कीचड़ लोगों के लिए मुसीबत बनेगा। भीषण गर्मी में नलों में पानी न आने से ग्रामीण कुओं और हैंडपंपों का सहारा ले हैं। उधर, विभागीय आंकड़ों की मानें तो 317 गांवों में पानी का कोई संकट नहीं है। यहां के नलों में पर्याप्त पानी आ रहा है।
80 फीसदी गांवों के नलों में एक बूंद पानी नहीं
नरैनी। तहसील क्षेत्र लहुरेटा, नसेनी, जमवारा, रंजीतपुर, पुकारी, सहबाजपुर सहित हर घर नल जल योजना से अच्छादित 80 फीसदी गांवों के नलों में पानी नहीं आ रहा है। जगह-जगह पाइप लीकेज हैं। पानी का प्रेशर कम होने से नलों में पानी नहीं आ रहा है। पाइप लाइनें भी पूरे गांव में नहीं बिछाई गईं। कनेक्शन भी नहीं हुए। ऐसे में लोगों की पानी की जरूरतें पुराने साधनों से ही पूरी हो रही हैं।
पाइप लीकेज होने से रास्तों में गंदगी
अतर्रा। योजना के तहत तहसील क्षेत्र के 108 मजरों में पीने का पानी पहुंचाया जाना था, लेकिन भोड़े पुरवा, चौकीपुरवा, सुखदेव पुरवा, भुजियारी पुरवा, राजाराम चौरिहन पुरवा, शंभू धतूरहा पुरवा आदि में टोटियां और स्टैंड पोस्ट शोपीस बने हैं। नलों में पानी नहीं आ रहा है। गर्गन पुरवा में पाइप में लीकेज से रास्तों में जल भराव है। अतर्रा ग्रामीण के प्रधान कमलेश का कहना है कि पानी मिलना तो दूर लीकेज से गांव नर्क बन गया है।
पाइप लाइन और हैंडपोस्ट बने शो पीस
बबेरू। हर घर नल जल योजना सिर्फ दिखावा साबित हो रही है। काजीटोला के बाबू यादव का कहना है कि पाइप लाइन तो बिछा गई लेकिन पानी नहीं आया। पतवन के गोरेलाल का कहना है कि पाइप लाइन और हैंडपोस्ट शो पीस बने हैं। पाइप लाइनों में लीकेज है। मरका के कमरहा डेरा के त्रिभुवन, बुधराज का कहना है कि कई जगह अभी पाइप लाइन बिछाने का काम चल रहा है। जहां पाइप लाइन बिछ गई है, वहां पानी नहीं आ रहा है।
जल संस्थान से हो रही पानी की आपूर्ति
तिंदवारी। योजना के तहत मुगुंश, जसईपुर, परसौडा, गजनी, तेरही माफी आदि गांवों में घर-घर पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन बिछाई गई है। ग्रामीणों को कनेक्शन भी दिए गए, लेकिन नलों में बूंद पानी नहीं आ रहा है। पाइप लाइन का पानी लीकेज की वजह से बर्बाद हो रहा है। ग्रामीण जल संस्थान से की जा रही जलापूर्ति से काम चला रहे हैं। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि पिपरगवां शिवपूजन का कहना है पानी नहीं आ रहा।
पानी की टेस्टिंग हुई, लेकिन नहीं आया जल
खप्टिहाकलां/जसपुरा। खप्टिहाकलां सहित आसपास से कई गांवों में हर घर नल जल योजना शोपीस बनी है। नलों में बूंद पानी नहीं आ रहा है। पाइन लाइन में आने वाला पानी लीकेज की वजह से बह रहा है। जसपुरा विकास खंड के बरेहटा, भाथा, गौरीकला, सिकहुला आदि गांवों में पाइप लाइन बिछाई गई। पानी की टेस्टिंग भी हुई। राजकिशोर, सरजू प्रसाद, लाल बाबू का कहना है कि नलों में बूंद पानी नहीं आया।
एक नजर में परियोजनाओं की स्थिति
खटान परियोजना
कुल लागत 1294 करोड़
कुल गांव 364
जलापूर्ति 182
कुल टंकी 116
सीडब्ल्यूआर 39
पाइप लाइन 3700 किलो मीटर
अमलीकौर परियोजना
लागत 742 करोड़
गांव 204
जलापूर्ति 135
टंकियां 80
सीडब्ल्यूआर 13
पाइप लाइन 2200 किलो मीटर
वर्जन-
दोनों परियोजनाओं मेंं 90 फीसदी काम पूरा हो गया है। 317 गांवों में पानी की आपूर्ति शुरू कर दी है। दो से तीन महीने में शेष गांवों में भी पानी की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। -महेंद्रराम, अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण)