बांदा। ब्लाक संसाधन केंद्रों (बीआरसी) में स्कूली बच्चों के आधार कार्ड बनाने की योजना परवान नहीं चढ़ सकी। बेसिक शिक्षा विभाग ने अंग्रेजी में दक्ष शिक्षकों और कर्मचारियों की कमी इसमें आड़े आ गई। शासन द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराई गईं किट बीआरसी में धूल खा रही हैं। चित्रकूटधाम मंडल में परिषदीय स्कूलों के 65 हजार से अधिक बच्चे अभी भी आधार कार्ड से वंचित हैं। उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
मंडल के चारों जिलों में 7000 से ज्यादा परिषदीय स्कूल हैं। इनमें साढ़े 5 लाख बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इनमें करीब 65 हजार से अधिक बच्चों के पास आधारकार्ड नहीं है। बिना आधार कार्ड के इन बच्चों को स्कूल में सरकार से मिलने वाली सुविधाएं ड्रेस, जूता, मोजा इत्यादि नहीं मिल पा रहा है। आधार कार्ड बनाने के लिए अधिकृत गिनेचुने बैंक या केंद्रों में भारी भीड़ के मद्देनजर शासन ने हरेक बीआरसी में आधारकार्ड जारी करने के आदेश जुलाई माह में जारी किए थे। इसके लिए मंडल की सभी 23 बीआरसी को एक-एक किट उपलब्ध कराई गई थी। योजना लागू हुए चार माह बीत गए। बीआरसी में आधार कार्ड बनना शुरू नहीं हुए। नतीजतन लगभग 65 हजार स्कूली बच्चे आधार कार्ड से वंचित हैं। स्कूल में सरकार से मिलने वाली सुविधाएं भी नहीं ले पा रहे हैं।
दरअसल बीआरसी में आधार कार्ड का काम शुरू न हो पाने का मुख्य कारण आधार कार्ड के लिए जारी किट का संचालन करने को योग्य शिक्षक/कर्मचारियों का टोटा है। इसके लिए अंग्रेजी का ज्ञान रखने वाले 46 शिक्षक/कर्मियों की जरूरत है। बेसिक शिक्षा विभाग को ये नहीं मिल पा रहे। पिछले दिनों इसके लिए झांसी में प्रशिक्षण दिया गया था, लेकिन आनलाइन परीक्षा में सिर्फ 17 कर्मचारी ही सफल हो पाए। इस योजना के विभागीय संचालक भास्कर भागवानी का कहना है कि प्रशिक्षण बाद आनलाइन परीक्षा में सफल शिक्षकों को आधार कार्ड बनाने का दायित्व सौंपा जाएगा।
मंडल में बीआरसी व आधार से वंचित छात्र
जनपद बीआरसी आधार से वंचित छात्र
बांदा 8 30,000
महोबा 4 10,000
चित्रकूट 5 15,000
हमीरपुर 6 10,000
योग 23 65,000