बड़ोखर खुर्द ब्लाक के रोजगार सेवकों ने खंड विकास अधिकारी और सहायक विकास अधिकारी पर उत्पीड़न का आरोप लगा उनके तबादले की मांग की।
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बड़ोखर खुर्द ब्लाक के रोजगार सेवकों ने खंड विकास अधिकारी और सहायक विकास अधिकारी पर उत्पीड़न का आरोप लगा उनके तबादले की मांग की। साथ ही कहा कि तबादला नहीं हुआ तो 19 मार्च से कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
ग्राम रोजगार सेवक संघ के आलोक द्विवेदी की अगुवाई में ग्राम रोजगार सेवकों ने आरोप लगाया कि बीडीओ व एडीओ (एसटी) राजनैतिक व व्यक्तिगत ईर्ष्या के चलते उन्हें कार्य नहीं करने दे रहे हैं। संविदा खत्म करने की चेतावनी दी जाती है। बीडीओ द्वारा उच्चाधिकारियों को गलत जानकारी देकर सही तथ्यों को छिपाकर भ्रमित किया जा रहा है। ग्राम पंचायत कुरौली, अरबई, बांधा पुरवा, मवई बुजुर्ग, चहितारा व कतरावल के ग्राम रोजगार सेवकों को परेशान करने व कार्य न करने देने के उद्देश्य से मानदेय रोकने व संविदा खत्म करने का कुचक्र किया जा रहा है। प्रभारी बीडीओ आईएएस हैं। संविदा कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई को दबाव बनाया जा रहा है। बीडीओ व एडीओ के तबादला की मांग की।
उधर, खंड विकास अधिकारी शैलेश कुमार (आईएएस) ने कहा कि कुछ रोजगार सेवक ऐसे हैं, जिनमें अभी तक काम करने की आदत नहीं थी। तत्कालीन बीडीओ से राजनीतिक दबाव बनाकर अभद्रता करते थे। दो-चार को छोड़कर शेष रोजगार सेवक विकास कार्यों में पूरा सहयोग कर रहे हैं। कई रोजगार सेवकों की जांच भी चल रही हैं। पोल खुलने के डर से दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि संविदा समाप्त करने का अधिकार बीडीओ के पास नहीं है। यह ग्राम पंचायत भेजेती है। उसी रूप में उसे मनरेगा उपायुक्त को भेजते हैं।