बांदा। राशन की सरकारी दुकानों की तौल प्रक्रिया नए वर्ष में हाइटेक होगी। यहां इलेक्ट्रानिक कांटे (तराजू) लगाए जाएंगे। मौजूदा परंपरागत तराजू और बांट से चल रही तौल प्रक्रिया में मिल रही घटतौली की शिकायतों को शासन ने गंभीरता से लेते हुए यह आदेश जारी किया है।
प्रदेश के खाद्य एवं रसद आयुक्त मनीष चौहान ने जिलाधिकारियों को जारी किए निर्देश में कहा है कि राशन की दुकानों में आम तराजू व बांट से अनाज की तौल की जा रही है। उपभोक्ताओं की शिकायत है कि राशन तौल में कम निकलता है। जिसे शासन ने गंभीरता से लिया है।
रसद आयुक्त ने कहा है कि अगले माह यानी जनवरी से शहरी व ग्रामीण राशन की दुकानों में अनाज की तौल इलेक्ट्रिक कांटों से की जाएगी। रसद आयुक्त ने 30 दिसंबर तक निर्धारित प्रारूप पर यह रिपोर्ट तलब की है कि सभी दुकानों में इलेक्ट्रानिक तराजू लगा दिए गए हैं।
जनवरी में शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिक कांटे लगाना सुनिश्चित करने को कहा है। निर्देश दिया है कि निरीक्षण के दौरान जिस दुकान में बिना इलेक्ट्रिक कांटे के अनाज तौलते हुए पाया जाए उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
निर्देशों में कहा गया है कि कांटे/तराजू की खरीद कोटेदार खुद करेगा। इसके लिए शासन से कोई धनराशि नहीं दी जाएगी। उधर, जिला पूर्ति अधिकारी राजीव कुमार का दावा है कि जनपद में 60 फीसदी राशन की दुकानों में इलेक्ट्रिक कांटों से अनाज की तौल की जाती है। जल्द अवशेष राशन दुकानों में इलेक्ट्रिानिक कांटे लगवाए जाएंगे।