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संशोधन बिल का बिजली कर्मियों ने किया विरोध

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Electricity workers opposed the amendment bill - फोटो : BANDA
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बांदा। इलेक्ट्रीसिटी अमेडमेंट (संशोधन) बिल -2020 के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में सोमवार को यहां बिजली कर्मियों ने काली पट्टी बांधी। कारपोरेशन अध्यक्ष को संबोधित ज्ञापन मुख्य अभियंता को सौंपा।
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ज्ञापन में कहा गया कि अमेडमेंट बिल देश के 15 लाख कर्मियों और इंजीनियरों के साथ अन्याय है। नेशनल कोआर्डिनेशन ऑफ इलेक्ट्रीसिटी इंपलाइज एंड इंजीनियर्स इसका विरोध कर रही है। निजीकरण करना किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं के साथ धोखा है। इससे बिजली देरों में बेतहाशा वृद्धि होगी।
बिजली की लागत राष्ट्रीय औसत 6.78 रुपये प्रति यूनिट है, जबकि निजी कंपनी 8 रुपये प्रति यूनिट बिजली देगी। अमेडमेंट बिल पास हो गया तो राज्यों के अधिकार का हनन होगा। बिजली कर्मियों ने इस मुद्दे पर काली पट्टी बांधने के साथ ही मुख्य अभियंता कार्यालय में धरना भी दिया। बिल वापस लेने की मांग की।
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ज्ञापन और धरने में हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंपलाइज यूनियन के मोहम्मद सुभान, बिजली कर्मचारी संघ के आनंद पाल, जूनियर इंजीनियर संघ सहसंयोजक राजेश श्रीवास, अभियंता संघ संयोजक पियूष द्विवेदी सहित हिमांशु यादव, कांता प्रसाद, सौरभ अग्रहरि, सुनील पटेल, अनिल यादव, मोहन लाल, सुरेश सिंह, रवि श्रीवास्तव, कमाल अहमद, नसीम, हरीलाल, रामकिशोर चौरसिया, पप्पू खां, मंगल, बजरंगी, शफीक, अमरेश पाल, महेश , सुमित गुप्ता, इम्त्यिाज, प्रकाश विष्णु दत्त, मोहम्मद रजा, संतोष निगम इत्यादि शामिल रहे।
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