बांदा। अतिक्रमण के चलते बंद की गई बिजली से 11 हजार लोग बेहाल हो गए। आठ घंटे तक बिजली की आपूर्ति पूरी तरह बंद रही। भीषण गर्मी में लोग घर के बाहर हाथ का पंखा करते रहे। उधर, शहर के अन्य मोहल्लों में लो-वोल्टेज व बिजली की आवाजाही लोगों को तंग किए रही।
जेल तिराहे से पुलिस लाइन तिराहे तक सड़क का अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान सुबह आठ बजे बिजली की आपूर्ति बंद कर दी गई थी, जो शाम छह बजे तक बंद रही। इससे तकरीबन सिविल लाइन में रहने वाले 11 हजार से अधिक लोग गर्मी से बेहाल रहे। लोग अपने घरों के बाहर हाथ पंखा लिए नजर आए। कर्मचारियों में खासा आक्रोश देखा गया।
इस क्षेत्र में ज्यादातर नौकरी पेशा रहते हैं। उनका कहना था कि एक दिन रविवार का आराम करने के लिए मिलता है। बिजली उसे भी खा गई। उधर, शहर के अन्य मोहल्ले कटरा, मढि़या नाका में लो-वोल्टेज की समस्या रही। कालूकुआं, जिला परिषद, मर्दना नाका, खाईंपार में भी बिजली का आना जाना लगा रहा।
इनकमिंग फर्स्ट फ्यूज उड़ जाने से पीली कोठी ,टेलीफोन ,महेश्वरी देवी फीडर की आपूर्ति चार घंटे तक बंद रही। रविवार को फाल्ट के कारण सर्वोदय नगर चिल्ला रोड की बिजली दो घंटा बंद रही। हाजी सरदार की मस्जिद के पास कभी लो तो कभी तेज वोल्टेज आने से लोगों के पंखा, कूलर, बल्ब आदि जल गए। विद्युत विभाग के एक्सईएन राजीव रंजन का कहना है कि ट्रांसफार्मर व लाइनों में खराबी की मुख्य वजह गर्मी में लोड बढ़ना है। लोड कम करने के प्रयास किए जा रहे है। ताकि सभी को सामान्य रूप से बिजली मिल सके।