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Banda News: ध्वस्त हुई बिजली आपूर्ति, अंधेरे में रही एक लाख की आबादी

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बांदा। झमाझम बारिश से बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गई। कहीं लाइन में पेड़ गिरे तो कहीं उपकेंद्र की मशीनों में तकनीकी कमी आ गई। शहर की करीब एक लाख की आबादी 12 घंटे तक बिना बिजली के परेशान रही। बिजली विभाग के कर्मियों ने पेट्रोलिंग कर फाल्ट तलाशा, तब कहीं जाकर आपूर्ति बहाल हुई।
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जनपद में मंगलवार को तेज हवा व वर्षा के कारण पीली कोठी व भूरागढ़ उप केंद्र के सभी फीडर बंद हो गए। कहीं तार टूटे तो कहीं केबल जलने की शिकायतें आईं। वर्षा के कारण तिंदवारी रोड 220 केवीए उप केंद्र से शाम को मुख्य आपूर्ति बंद कर दी गई। करीब दो घंटे के बाद वर्षा कम हुई तो इसे बहाल किया गया। तब तक पूरे शहर की लाइट गुल रही है। इसके बाद रात में करीब नौ बजे पीलीकोठी उप केंद्र में फीडर की मशीन में तकनीकी कमी आ गई।
एसडीओ की देखरेख में कर्मचारियों ने मशीन दुरुस्त करने में पसीना बहाया। करीब 12 बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। इससे अलीगंज, स्टेशन रोड, टेलीफोन टावर व छोटी बाजार फीडर बंद होने से करीब 20 मोहल्लों में चार घंटे तक अंधेरा रहा। उधर, भूरागढ़ उप केंद्र में मेन लाइन पर पेड़ गिरने से कटरा, क्योटरा सहित कई मोहल्लों की बिजली करीब 11 बजे ठप हो गई। पेड़ हटाया और कर्मचारियों ने लाइन चालू की, लेकिन तब तक करीब चार घंटे तक लोगों को इंतजार करना पड़ा।
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उप केंद्र चिल्ला रोड में कई जगह फाल्ट आने से अतर्रा चुंगी, बिजली खेड़ा, कालूकुआं, शंकर नगर, गायत्री नगर की बिजली करीब 12 घंटे तक प्रभावित रही। बुधवार को दोपहर में बाबूलाल चौराहा के निकट इंदिरा पार्क में लगे ट्रांसफार्मर में दिक्कत आ गई। कर्मचारियों की टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद इसे सही किया। लाइन में फाल्ट आने से जिला अस्पताल में भी करीब दो घंटे बिजली गुल रही। जनरेटर चलाकर कम चलाया गया। वहीं बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता मंदीप सिंह ने बताया कि बारिश के कारण कुछ गड़बड़ी आई थी, जिसे दुरुस्त करा लिया गया है।

12 घंटे गुल रही बिजली, छात्रों में आक्रोश
अतर्रा। राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में बीएएमएस के प्रथम वर्ष और तृतीय वर्ष की परीक्षाएं चल रही हैं। छात्र-छात्राएं तैयारी में दिन-रात जुटे हैं। मंगलवार की दोपहर करीब दो बजे आयुर्वेदिक कॉलेज की लाइट गुल हो गई, जो करीब 12 घंटे बाद देर रात दो बजे बहाल हो सकी। छात्रों ने लाइट न होने की समस्या विद्युत विभाग के एसडीओ समेत अन्य कर्मचारियों को भी बताया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कॉलेज में जनरेटर की व्यवस्था भी नहीं है, जिसके कारण लाइट चली जाने के बाद पूरे हास्टल में अंधेरा छा जाता है।
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