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ढाई घंटे गुल रही मेडिकल कालेज की बिजली

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Electricity of the medical college running for two and a half hours - फोटो : BANDA
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बांदा। राजकीय मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर करीब ढाई घंटे बिजली गुल होने पर इमरजेंसी सेवाएं बाधित हो गईं। यहां वार्डों में भर्ती करीब दो सो मरीज गर्मी में बिलबिला उठे। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का दावा है कि जेनरेटर से इमरजेंसी सेवाएं बहाल रखी गईं। पावर कारपोरेशन अभियंताओं का कहना है कि हाईटेंशन लाइन में फाल्ट आने से बिजली बाधित रही।
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हाल ही में लगभग छह घंटे बिजली गुल होने के बाद रविवार को दोपहर फिर राजकीय मेडिकल कॉलेज में फाल्ट से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। लगभग ढाई घंटे बाद दोपहर 2.30 बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। इस दौरान मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों के पसीने छूट गए। उमसभरी गर्मी में बेहाल नजर आए। इमरजेंसी सहित आईपीडी और ऑपरेशन थिएटर सेवाएं बाधित रहीं।
प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में कुल 8 जेनरेटर हैं। तीन जेनरेटर के जरिए अस्पताल और आईसीयू की सेवाएं बहाल रखी गईं। अलबत्ता एसी (एयर कंडीशन) नहीं चलाने दिए गए। वार्डों में पंखे चलते रहे। उन्होंने अफसोस जताया कि पावर कारपोरेशन वाले न फॉल्ट की जानकारी देते हैं और न ही आपूर्ति बहाल होने के बारे में बताते हैं। उन्होंने इसकी शिकायत डीएम से की है। उधर, एसडीओ/प्रभारी एक्सईएन शत्रुघ्न चौहान का कहना है कि पेट्रोलिंग में समय लगा। शीघ्र फाल्ट दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल कर दी गई।
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ढाई घंटे में खर्च हो गया 300 लीटर डीजल
प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि डीजल के लिए फिलहाल बजट नहीं है। पेट्रोल पंप से उधार डीजल मंगाकर जेनरेटर चलाए गए हैं। प्रति जेनरेटर में एक घंटे में लगभग 40-50 लीटर डीजल खपत होती है। ढाई घंटे बिजली गुल रहने पर लगभग 300 लीटर डीजल खर्च हो गया।
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