ओरन/नरैनी। करीब दो लाख रुपये के बैंक कर्ज और लगभग एक लाख रुपये का साहूकारों से लिए कर्ज की अदायगी को लेकर परेशान बिजली मिस्त्री ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दूसरी घटना में युवक ने पेड़ से अपनी शर्ट से फंदा कसकर आत्महत्या कर ली।
पहली घटना बिसंडा थाना क्षेत्र के ओरन नगर की है। देवराज कोरी उर्फ लाला (32) पुत्र गोविंद अपने घर पर ही पंखा, कूलर आदि की मरम्मत की दुकान किए था। शुक्रवार को सुबह करीब 6 बजे घर के कमरे में पत्नी की साड़ी को छत पर बांधकर फंदे पर झूल गया। पत्नी चंद्रकली ने बताया कि वह दरवाजे पर झाड़ू लगा रही थी इसी बीच देवराज ने फांसी लगा ली। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
पत्नी चंद्रकली और चचेेरे भाई बैजनाथ ने बताया कि बैंक और साहूकारों का मिलाकर लगभग तीन लाख रुपये कर्ज था। पत्नी का कहना है कि बैंक से कोई कागज आने पर देवराज 15-20 दिनों से काफी परेशान था। ओरन चौकी प्रभारी संजय सिंह मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल के बाद शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए मुख्यालय मेडिकल कालेज भेज दिया। इस बाबत ओरन स्थित इलाहाबाद बैंक के ब्रांच मैनेजर अतुल अनुराग ने बताया कि देवराज ने उनके बैंक से एक लाख 95 हजार रुपये की क्रेडिट लिमिट बनवा रखी थी। शाखा प्रबंधक ने कहा कि वसूली आदि के लिए उसे कोई नोटिस नहीं जारी की गई।
दूसरी घटना में नरैनी कोतवाली क्षेत्र के पड़मई गांव में शुक्रवार को सुबह करीब 7 बजे रामबाबू यादव (22) पुत्र बालकुमार ने घर के नजदीक लगे पेड़ पर अपनी शर्ट के सहारे फंदे पर झूल गया। उसकी वहीं मौत हो गई। मृतक के बाबा मोहन यादव ने बताया कि रामबाबू पिछले करीब 6 माह से परदेस में मजदूरी कर रहा था। कई दिन पूर्व मकरी गांव मामा के घर गया था। गुरुवार को शाम वापस लौटा और कुछ देर बाद घर से निकल गया था। परिजन आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं बता पा रहे। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।