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चित्रकूटधाम मंडल में जल्द दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक ट्रेनें

Mon, 05 Nov 2018 10:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
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खैरार-झांसी रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ाकर टेस्टिंग करते रेल कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला
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बुंदेलखंड के रेल यात्रियों के लिए अबकी दिवाली खुशखबरी लेकर आई है। खैरार से झांसी और खैरार से कानपुर तक के रेल ट्रैक का विद्युतीकरण का काम पूरा हो गया है और इस महीने के अंत तक इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ने लगेंगी। इससे जहां ट्रेनों की रफ्तार बढ़ जाएगी, वहीं काफी कम समय में रेल यात्री अपने गंतव्य तक भी पहुंच सकेंगे। चित्रकूटधाम मंडल रेलवे के लिए यह बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

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चित्रकूटधाम मंडल में दोहरी रेल लाइन और विद्युतीकरण की मांग काफी अर्से से हो रही थी। रेलवे मंत्रालय ने दोनों ही मांगें स्वीकार कर लगभग काम भी पूरा करा दिया है। हालांकि, पहले चरण में कुछ रेलवे स्टेशन इन दोनों सुविधाओं से अछूते हैं। रेलवे विभाग का दावा कि वर्ष 2022-23 तक यह काम पूरे मंडल में पूरा हो जाएगा। यह 43 अरब 29 करोड़ 53 लाख रुपये लागत की योजना है। चालू वर्ष 2018-19 के लिए रेलवे ने अब तक एक अरब रुपये आवंटित भी कर दिए हैं। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आरटीआई कार्यकर्ता कुलदीप शुक्ला द्वारा मांगी गई सूचना में रेल विद्युतीकरण कार्यालय, लखनऊ के उप मुख्य बिजली इंजीनियर (मुख्यालय/जन सूचना अधिकारी) आरके द्विवेदी ने बताया कि झांसी-बांदा-मानिकपुर और कानपुर-बांदा खंड में विद्युतीकरण कार्य तेजी से चल रहा है।

बताया कि झांसी-हरपालपुर-खैरार तथा कानपुर-खैरार का विद्युतीकरण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। बताया कि इस खंड में 30 नवंबर से इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाने की पूरी संभावना है। बताया कि इसके अलावा खैरार-बांदा-मानिकपुर खंड में भी विद्युतीकरण जून 2019 तक पूरा होने की संभावना है। विद्युतीकरण का काम बांदा के खैरार रेलवे स्टेशन तक पूरा हो चुका है। बताया कि फिलहाल खैरार से झांसी और खैरार से कानपुर तक इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलाईं जाएंगी। खैरार से बांदा और मानिकपुर तक विद्युतीकरण का काम तेजी से चल रहा है। इसमें अगले वर्ष इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ने की संभावना है।
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मऊरानीपुर और महोबा से शुरू होगा दोहरीकरण
झांसी-मानिकपुर और बांदा-खैरार-भीमसेन के बीच दोहरी रेल लाइन का काम इसी वर्ष शुरू हो रहा है। पहले चरण में मऊरानीपुर से बरुआ सागर और महोबा से हरपालपुर के बीच दोहरी लाइन पड़ेगी। दोनों रूटों पर तीन बड़े पुल बनाए जाएंगे। झांसी से मानिकपुर की दूरी 310 किलोमीटर है। खैरार से भीमसेन 115 किलोमीटर है। दोनों ट्रैकों पर दोहरी लाइन के लिए 3000 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। झांसी से मानिकपुर के बीच रूट को छह भागों में बांटा गया है। शुरुआत बरुआ सागर से मऊरानीपुर (42 किलोमीटर) और हरपालपुर से महोबा (52 किलोमीटर) से होगी। 

पच्चीस हजार वोल्ट का करंट चालू
इसी माह से प्रस्तावित इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ाने के लिए रेलवे ने बिजली की लाइनों पर करंट दौड़ा दिया है। खैरार जंक्शन रेलवे स्टेशन से कानपुर लाइन और झांसी लाइन पर 25,000 वोल्ट का करंट चालू हो चुका है। रेलवे ने इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ाकर टेस्टिंग भी कर ली है। बांदा आरपीएफ प्रभारी ने बांदा स्टेशन प्रबंधक को पत्र भेजकर लाइनों में करंट चालू हो जाने से अवगत कराया है।

ट्रेन की छतों पर अब यात्रा हुई जोखिम भरी
दीपदान मेला हो या अमावस्या या पूर्णिमा। इन अवसरों पर बड़ी तादाद में यात्री चित्रकूट जाते हैं। ट्रेनों की छत पर सैकड़ों यात्री बैठते हैं। अब उनके सिर पर मौत का खतरा मंडराएगा। बोगियों के ऊपर 25 हजार वोल्ट करंट की लाइन चालू हो गई है। ऐसे में बोगी की छत पर बैठने वाले यात्री इसके संपर्क में आकर जान गंवा सकते हैं। आरपीएफ थाना प्रभारी ने स्टेशन प्रबंधक से अनुरोध किया कि रेलवे स्टेशन में हरेक ट्रेन के आगमन के समय इसकी घोषणा (एनाउंस) कराकर यात्रियों को सतर्क करें, ताकि कोई हादसा न हो। थाना प्रभारी और स्टेशन प्रबंधक ने बताया कि दीपदान मेले के मद्देनजर झांसी से खैरार और भीमसेन से खैरार के बीच यात्रियों को छत पर बैठने से रोकने के लिए विशेष पुलिस बल तैनात किया जाएगा। इसमें रेलवे पुलिस के साथ सिविल पुलिस भी नजर रखेगी।
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