बांदा। बेटे की अस्थि कलश लेकर अशोक लाट पर भाजपा नेता के अनशन पर बैठने के तीसरे दिन दबाव में आई पुलिस ने अंतत: उन्हीं आठों आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर अमन के माता-पिता शुरू से ही शक जता रहे थे। गिरफ्तार सभी आरोपी अमन के दोस्त और नाबालिग हैं। इन पर गैर इरादतन हत्या और सुबूत मिटाने की धाराएं लगाई गई हैं।
किशोर न्याय बोर्ड/प्रथम एसीजेएम की अदालत में पेश करने के बाद सभी बाल अपचारियों को चित्रकूट स्थित बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। उधर, अमन के माता-पिता का अनशन अभी भी जारी है। ये सीबीआई जांच, दोषी पुलिस अधिकारियों व पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर के विरुद्ध कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।
11 अक्तूबर को दोस्त की जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने घर से निकले 14 वर्षीय अमन त्रिपाठी का शव दूसरे दिन शहर कोतवाली क्षेत्र के कनवारा गांव के नजदीक केन नदी में मिला था। उसकी बाइक और कपड़े दूसरे स्थानों पर बरामद हुए थे।
पुलिस ने फौरीतौर पर डूबने से मौत का हादसा माना था, जबकि पिता संजय त्रिपाठी दोस्तों पर शक जताते हुए हत्या का आरोप लगा रहे थे। उन्होंने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बांदा पुलिस की विवेचना पर पिता संतुष्ट नहीं हुए। उनकी मांग और भाजपा नेताओं की सिफारिश पर पुलिस महानिरीक्षक के. सत्यनारायणा ने यह जांच बांदा पुलिस से हटाकर हमीरपुर पुलिस क्राइम ब्रांच को सौंप दी।
गुरुवार को हमीरपुर पुलिस उपाधीक्षक विवेक यादव क्राइम ब्रांच पुलिस टीम के साथ बांदा आए। पुलिस लाइन में मीडिया से वार्ता की। बांदा की प्रशिक्षु क्षेत्राधिकारी अंबुजा त्रिवेदी भी मौजूद थीं। उन्होंने बताया कि अमन त्रिपाठी हत्याकांड में आठ किशोर उम्र बाल अपचारियों/आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सभी मृतक अमन के दोस्त बताए गए हैं। घटना के समय अमन के साथ इनका मौजूद होना बताया जा रहा है।
उपाधीक्षक ने बताया कि सभी आरोपियों पर धारा 304 (गैर इरादतन हत्या), 201 (साक्ष्य मिटाना), 109 (अपराध के लिए उकसाना) आदि लगाई गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी बांदा शहर कोतवाली पुलिस की तीन टीमों द्वारा अलग-अलग स्थानों से किया जाना बताया गया है। हालांकि पुलिस ने गिरफ्तार या घटना के बारे में और कोई भी जानकारी देने से किनारा कर लिया है।
सभी बाल अपचारियों की जिला अस्पताल में जांच के बाद किशोर न्याय बोर्ड/एसीजेएम प्रथम की अदालत में पेश करने के बाद चित्रकूट स्थित किशोर सुधार गृह भेज दिया गया है। वहां आरोपियों की उम्र निर्धारण के लिए अस्पताल में जांच कराई जाएगी।