तिंदवारी। जिले के अफसरों को बालू खदान और ओवरलोडिंग की चेकिंग में नजर न आने वाली खुलेआम हो रही अवैध वसूली को लखनऊ से आई एंटी करप्शन टीम ने पकड़ लिया। छह सदस्यीय टीम ने बैरियर लगाकर ट्रकों से वसूली करते हुए छह बैरियर कर्मियों समेत आठ लोगों को हिरासत में ले लिया। इनमें दो पुलिस कर्मी बताए जा रहे हैं।
बैरियर से टीम को 6.16 लाख रुपये बरामद हुए। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7/13 की रिपोर्ट दर्ज की गई है। हालांकि पुलिस उपाधीक्षक का कहना है कि छापा मारने वाले पुलिस के ही लोग थे। एंटी करप्शन टीम के नहीं। इसमें कानपुर के लोगों की भी मदद ली गई है।
चिल्ला हाईवे पर स्थित खनिज चेकपोस्ट पर ओवरलोड ट्रकों को पैसा लेकर निकालने का धंधा काफी दिनों से चल रहा था। इस बीच जिले के आला अफसर कई खदानों में जांच कर आए और उस रोड से भी गुजरे। मगर उन्हें यह नजर नहीं आया। अवैध वसूली की भनक प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक पहुंच गई।
गुरुवार को वहां से आई छह सदस्यीय एंटी करप्शन टीम ने तड़के करीब 5 बजे इस चेक पोस्ट पर छापा मारा। ओवरलोड ट्रकों से वसूली करते रंगे हाथ पकड़ा। चेकपोस्ट के छह कर्मचारी और दो पुलिस कर्मी शामिल थे। दो होमगार्ड भाग निकले। टीम ने चेक पोस्ट से 6 लाख 16 हजार रुपये भी बरामद किए। टीम ने चिल्ला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
उधर, पूरा दिन थाना पुलिस इसके बारे में कुछ भी बताने से कन्नी काटती रही। उधर, क्षेत्राधिकारी सदर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि छापा एंटी करप्शन टीम ने नहीं पुलिस ने ही मारा है। इसमें कानपुर के कुछ लोगों की मदद ली गई थी। क्षेत्राधिकारी ने कहा कि छापे के दौरान खुद भी मौजूद थे। पकड़े गए लोगों में चेक पोस्ट के छह कर्मचारी और दो पुलिस कर्मी शामिल हैं।
इनके पास से कैश समेत एक बोलेरो, एक बाइक व 12 मोबाइल बरामद हुए हैं। पकड़े गए लोगों में चेक पोस्ट के विक्रम बहादुर, राजेंद्र प्रसाद, रामप्रवेश यादव, राजकुमार, गुड्डू, सत्यप्रकाश, साद अहमद व शैलेंद्र शामिल हैं। इनके अलावा होमगार्ड राजकिशोर व अच्छेलाल को भी शामिल किया गया है। यह दोनों फरार बताए गए हैं। सीओ के मुताबिक दो पुलिस कर्मियों की भूमिका संदिग्ध है। उनकी जांच की जा रही है।
चिल्ला बैरियर में एंटी करप्शन टीम द्वारा पूछताछ के लिए थाने लाए गए लोग।- फोटो : BANDA