बांदा। रमजान माह समाप्त होने के साथ ही आज ईद मनाई जाएगी। रमजान के आखिरी जुमा की नमाज में रोजदारों की आंखें छलक पड़ीं। उनके चेहरों पर रमजान के जुदा होने का अफसोस और इबादतों की खुशी थी।
सुबह से रिमझिम बारिश के बीच दोपहर को शहर की मुख्य नवाबी जामा मस्जिद सहित कई मस्जिदों में आखिरी जुमा की नमाज अदा हुई। जामा मस्जिद में मौलाना मसर्रत ने रमजान की इबादतों का महत्व बताया। कारी मो. साबिर ने नमाज अदा कराई और मुल्क में मेल मोहब्बत की दुआ मांगी गई। नमाजियों ने मदरसों और गरीबों को फितरा व जकात की नकद राशि दी। शेख सरवर, मरकज, हाथीखाना रब्बानिया, हैजाखाना, छावनी, अलीगंज, गूलरनाका, मर्दन नाका, ऊंट मोहाल, निम्नीपार खुटला, छिपटहरी, कचहरी सड़क और आजाद नगर की मस्जिदों में भीड़ रही। शाम को 30वें रोजे के इफ्तार के साथ रमजान माह अगले साल तक के लिए रुखसत हो गया। देर रात तक ईद की खरीदारी से बाजार आबाद रहे।
ईद की नमाज का समय
मौसम में बदलाव और बारिश के कारण शनिवार, 21 मार्च को ईद की सामूहिक नमाज ईदगाह में होने के आसार कम हैं। जामा मस्जिद व ईदगाह मुतवल्ली डॉ. शेख सादी जमा ने बताया कि नमाज का समय सुबह 8 बजे है। बारिश होने पर नमाज ईदगाह की बजाय जामा मस्जिद में होगी। शेख सरवर की मस्जिद में भी नमाज सुबह 8 बजे अदा की जाएगी।