फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शपथ लेना आसान, निभाना कठिन

Sat, 17 Dec 2016 11:55 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा
विज्ञापन
कृृृषि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक पाने वाले छात्र प्रेमनारायण को उपाधि और प्रमाणपत्र देते कुलाधिपति राम नाईक। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
राज्यपाल राम नाईक ने कहा है कि शपथ लेना आसान होता है, लेकिन निभाना कठिन। डिग्री प्राप्त करना जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अवसर है। जो शपथ ली जाए, उसे हर दशा में जीवन में उतारा जाए। यह भी कहा कि आत्मविश्वास से काम करने पर सफलता जरूर मिलती है। राज्यपाल राम नाईक शनिवार को कृषि विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति के रूप में शामिल हुए। उन्होंने 78 छात्र-छात्राओं को उपाधियां दीं।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि पहले अन्य विषयों की पढ़ाई की होड़ होती थी। जब वहां प्रवेश न मिलता तो मजबूरी में छात्र कृषि विद्यालयों में आते थे, लेकिन अब इसके उलट है। अब कृषि में प्रवेश लेने की होड़ है। दीक्षांत समारोह में कृषि छात्रों द्वारा ली गई शपथ पर कुलाधिपति ने कहा कि इसका निर्वहन करें और किताबी पढ़ाई पूरी होने के बाद अपने दायित्वों से गांव और देश का नाम रोशन करें। नए शोध करें। उन्होेंने छात्रों को प्रेरित किया कि अब उन्हें पंख लग गए हैं। आसमान खुला है, उड़िये।

राज्यपाल ने पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कलाम का जिक्र करते हुए कहा कि वो कहा करते थे कि सपने दिन में देखो। जब तक दिन के सपने साकार नहीं होंगे रात को नींद नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि कृषि प्रधान देश होने के बाद भी 1965 में पाकिस्तान के युद्ध के समय अनाज की कमी पड़ गई। तब तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने सैनिकों के लिए एक दिन का उपवास रखने की अपील करते हुए ‘जय जवान-जय किसान’ का नारा दिया।
विज्ञापन


उन्होंने खुशी जताई कि आज भारत विदेशों को अनाज निर्यात कर रहा है। यह किसानों के पराक्रम का नतीजा है। राज्यपाल ने कृषि छात्रों को लगभग 40 मिनट संबोधित किया।
विश्वविद्यालय कुलपति डॉ. एसएल गोस्वामी ने राज्यपाल की अगुवानी की और उन्हें स्मृतिचिह्न भेंट किए। विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट पेश की। बताया कि पिछले वर्ष के दीक्षांत समारोह में 50 छात्रों को उपाधियां मिली थीं, अबकी बढ़कर 78 हो गई। कुलसचिव देवीदास ने समारोह में आए लोगों को आभार जताया। समारोह की शुरुआत वंदे मातरम से हुई, समापन राष्ट्रगान से हुआ।

सात छात्रों को मिले पदक
बांदा। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने 78 छात्रों को उपाधियां बांटीं। साथ ही 80 फीसदी से ज्यादा अंक हासिल करने वाले 25 छात्रों को मेरिट प्रमाणपत्र प्रदान किए। कुलाधिपति राम नाईक ने सात छात्रों को उपाधि के साथ मेडल भी दिए। सम्मानित छात्रों ने बीएससी (आनर्स) में कृषि के 43 और उद्यान के 35 छात्र शामिल हैं। छात्रों को शपथ भी दिलाई।
कृषि में हिमांशु चौधरी को स्वर्ण, शिवमणि दुबे व गुफरान अहमद को रजत और प्रदीप कुमार को कांस्य पदक मिले। उद्यान में छात्र प्रेम नारायन को स्वर्ण, महिपाल को रजत और पवन कुमार को कांस्य पदक मिले।

राज्यपाल ने दिए पांच मंत्र
बांदा। राज्यपाल राम नाईक ने कृषि विश्वविद्यालय के छात्रों को पांच मंत्र दिए। पहला मुस्कुराते रहो। दूसरा अच्छा कहना सीखो। तीसरा किसी की अवमानना मत करो और अहंकार छोड़ो। चौथा और अधिक अच्छा करना सीखो और पांचवां मंत्र चरैवेती-चरैवेती (चलते रहो-चलते रहो) दिया।
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें