बांदा। लॉकडाउन में किसी आपातकालीन परिस्थिति में बाहर जाने के लिए ई-प्रक्रिया के जरिए पास का आवेदन बहुत जटिल प्रक्रिया है। खासतौर पर बुंदेलखंड में अधिकांश लोग इस तकनीक से अनभिज्ञ हैं। ऐसे में ई-फार्म भरने के लिए सरकारी या आईटी विशेषज्ञों की मदद उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
अधिवक्ता संघ पूर्व अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी जीतू व आनंद सिन्हा और वरिष्ठ पत्रकार गोपाल गोयल ने मुख्यमंत्री को इस बारे में ज्ञापन भेजा है। कहा है कि कोरोना महामारी के दौरान ई-पास बनवाने के लिए बुंदेलखंड के सभी जनपदों में विशेषज्ञों की मदद की जरूरत है। इस जटिल प्रक्रिया के चलते अधिकांश लोग अपने सगे रिश्तेदारों की अंत्येष्टि या अन्य संस्कारों में नहीं पहुंच पा रहे हैं। गंभीर रोगी इलाज को नहीं जा पा रहे। पिछले करीब 45 दिनों से यह स्थिति चली आ रही है।
शहरों में लॉकडाउन के चलते साइबर कैफे और जनसेवा केंद्र बंद हैं। ज्यादातर मोबाइल फोन पर ई-पास आवेदन नहीं कर पाते। मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि ई-पास व्यवस्था में पात्रों की मदद के लिए व्यवस्था की जाए। ज्ञापन भेजने वालों में वीरेंद्र गोयल, प्रो.साक्षी अग्रवाल, निखिल सक्सेना, नागेश नागी, सचिन चतुर्वेदी, ओमबाबू तिवारी, सचिन अग्निहोत्री, रामसेवक अरजरिया, महेश पटेरिया आदि शामिल हैं।