तिंदवारी (बांदा)। जसईपुर गांव की वृद्ध महिला दुर्जनियां की आंखें पौत्र शैलेंद्र के इंतजार में पथरा गई हैं। उनका पौत्र शैलेंद्र पाकिस्तान की जेल में तीन साल से बंद है। परिजन अधिकारियों और सरकार से बेटे की पाक से रिहाई की गुहार लगा रहे हैं, पर अभी तक उसकी वापसी की उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
तिंदवारी थाना क्षेत्र के जसईपुर गांव के रामलाल वर्मा का 27 वर्षीय बेटा शैलेंद्र जुलाई 2021 को ठेकेदार के कहने पर पोरबंदर समुद्र बंदरगाह में मछली पकड़ने गया था। वह अचानक पाकिस्तान की सीमा में चला गया। उसे पाकिस्तानी सैनिकों ने गिरफ्तार कर जेल में बंद कर दिया। करीब तीन वर्ष से दादी दुर्जनियां नाती शैलेंद्र के आने का बेसब्री से इंतजार कर रही है। घर के लोग बेटे के वापस लौटने की राह देख रहे हैं।
पिता रामलाल ने बताया कि पहले फोन से हाल-चाल मिल जाते थे, लेकिन इधर कई महीनें से फोन से भी कोई जानकारी भी नहीं मिल पा रही है। वह किस हाल में होगा और कब तक आएगा, यह सोचकर नींद नहीं आती। शैलेंद्र तीन भाइयों में से सबसे छोटा है। मां हीराबाई बताती हैं कि शैलेंद्र की शादी को लेकर नरैनी में बात चल रही थी। इसी बीच वह साथियों के कहने पर पोरबंदर मजदूरी करने चला गया। पाक जेल में बंद होने से विवाह की हसरत अधूरी रह गई। परिजनों ने कहा कि पाकिस्तान की जेल में बेटे को ठीक से खाना तक नहीं दिया जाता है। सरकार की मदद से विदेश मंत्री से वार्ता कराकर पाकिस्तान में बंद पुत्र को वापस लाने में मदद कराई जाए।
शैलेंद्र की वतन वापसी का दिलाया भरोसा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत टोली गोसेवा समिति सदस्य व शिवदर्शन महाविद्यालय के प्रबंधक रवि प्रकाश संजय सिंह व आशीष चंदेल बुधवार को दुर्जनियां के घर पहुंचे। उन्हें भरोसा दिलाया कि पाकिस्तान जेल में बंद शैलेंद्र के रिहाई के लिए जलशक्ति राज मंत्री रामकेश निषाद से मिलेंगे। उनके माध्यम से दस्तावेज भेजकर सरकार से वापस लाने के लिए पैरवी करेंगे।