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Banda News: चंद्रावल की बाढ़ से पड़ोहरा और नांदादेव के रपटे डूबे, 20 गांवों का कटा संपर्क

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ओरन-बबेरू मार्ग पर तेज बहाव से कटी सड़क। - फोटो : संवाद
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बांदा। केन नदी शुक्रवार की रात उफना गई थी। रात दो बजे तक खतरे के निशान 104 मीटर से दो मीटर ऊपर पानी पहुंच गया। इससे पैलानी और सदर क्षेत्र के कई गांवों तक पानी पहुंच गया। हजारों बीघे फसलें डूब गईं। शनिवार को सुबह से जलस्तर में कमी आने लगी। केन का पानी शाम तक 102 मीटर पर आ गया। उधर, चंद्रावल नदी का पानी बढ़ने से नांदादेव और पड़ोहरा के संपर्क मार्ग में बने रपटे डूब हए। इससे करीब 20 गांवों का संपर्क कट गया। उधर, यमुना नदी लगातार खतरे के निशान की ओर बढ़ रही है। शनिवार की शाम चार बजे तक पानी खतरे के निशान 100 मीटर से 2.69 मीटर दूर था।
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मध्य प्रदेश में हुई तेज बारिश के कारण केन नदी के गंगऊ व बरियारपुर बांध उफना गए। गंगऊ से पिछले तीन दिनों से करीब दस लाख क्यूसिक मीटर पानी डिस्चार्ज किया गया। शुक्रवार को केन नदी ने भयावह रूप ले लिया। करीब 10 घंटे में करीब दस मीटर पानी बढ़ गया। केन के बढ़ने से पैलानी तहसील के खप्टिहा कलांं, सिंधन कला, नांदादेव पड़ोहरा मे बाढ़ का पानी सड़क के ऊपर बहने से बहने लगा। यह मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है। खप्टिहा कलांं के पंचायत भवन के नीचे तक पानी भर गया है।
बाढ़ग्रस्त इलाकों पर सुरक्षा को देखते हुए पीएसी की टीम भी बुला ली गई है। तहसीलदार पैलानी राधे श्याम सिंह ने बताया कि पीएसी की टीम को जीआईसी परिसर में ठहराया गया है। बाढ़ चौकियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और हर जगह सुरक्षा के दृष्टिकोण से निगरानी रखी जा रही है। पैलानी तहसील के शंकर पुरवा तथा खप्टिहा कलांं के सिमरन डेरा में बाढ़ का पानी पहुंच गया। यहां के नाविकों शंकर निषाद तथा भरा निषाद का कहना है की अगर इसी तरह नदी अपना रौद्ररूप दिखाती रहेगी तो जल्द ही यह मजरे बाढ़ के पानी से प्रभावित हो जाएंगे।
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केन व यमुना में कुछ ऐसे बढ़ी जलस्तर की रफ्तार
मध्य प्रदेश में हुई बारिश से गंगऊ व रनगवां बांध उफना गए। इससे इन दोनों बांधों से दो दिन से लगातार पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। नतीजे में केन नदी का जल स्तर तेजी बढ़ गया। शुक्रवार को सुबह केन नदी का जल स्तर 100.55 मीटर पर था और यमुना का 95.04 मीटर था। शाम को केन नदी 103.10 मीटर और यमुना 95.38 मीटर पर पहुंची। वहीं रात दस बजे केन नदी का जल स्तर 105.40 व यमुना 96.01 मीटर पर पहुंची। सुबह पांच बजे केन खतरनाक स्थिति में पहुंच गई। जल स्तर 106.00 मीटर पहुंचने से केन की स्थिति भयावह हो गई। वहीं यमुना नदी 96.52 मीटर पर रही। सुबह आठ बजे से केन का जल स्तर नीचे पहुंचने लगा तो प्रशासन व जिलेवासियों ने राहत की सांस ली। सुबह आठ बजे केन नदी 104.90 मीटर पर पहुंची, जबकि चिल्ला में यमुना नदी धीरे-धीरे बढ़कर 96.75 मीटर पर पहुंच गई। शाम को चार बजे केन 102.90 मीटर पर पहुंची, जिससे गांवों की ओर तेजी से बढ़ रहा पानी सिमटने लगा। वहीं यमुना का जल स्तर शाम चार बजे तक 97.31 मीटर पहुंच गया। यमुना में खतरे का निशान 100 मीटर पर है।

तेज बहाव से ओरन-बबेरू मार्ग कटा, आवागमन ठप

ओरन। तेज बारिश के चलते बबेरू, बिसंडा, ओरन और अतर्रा क्षेत्रों में चारो तरफ खेतों व नहरों में पानी भर गया और तेज बहाव के चलते कई जगह सड़कें कट गईं और लोगों का आवागमन ठप हो गया। ओरन- बबेरू मार्ग कई जगह से कटने से आवागमन बाधित हो गया और करीब 10 गांवों के लोग घरों में कैद हो गए। सूचना पर अतर्रा एसडीएम राहुल द्विवेदी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित विभाग को जल्द से जल्द वैकल्पिक मार्ग दुरुस्त करने के निर्देश दिए। ओरन से बबेरू, मरौली, बेल्दान, भुराने पुरवा, जरोहरा, अमलोहरा, बिसंडी सहित कई गांवों के लोगों को बिसंडा होकर लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।


43 बाढ़ चौकी बनाई, लेखपाल और सचिव नदारद
बांदा। प्रशासन ने जिले में केन, यमुना, बागै और चंद्रावल नदियों के बाढ़ से प्रभावित होने वाले करीब 100 गांवों के बीच 43 बाढ़ चौकियां स्थापित की हैं। जिलाधिकारी ने इन चौकियों में एक होमगार्ड, लेखपाल व सचिव की ड्यूटी लगाई है। केन नदी में शुक्रवार की रात उफान से चारों तरफ के गांव घिर गए, पर अधिकांश बाढ़ चौकियों में कर्मचारी नदारद दिखे। इसके अलावा चौकियों में लाइफ जैकेट और अन्य सामग्री भी नदारद मिली।

दीवार गिरने से युवक जख्मी
बांदा। नगर कोतवाली क्षेत्र के मवई गांव निवासी छोटेलाल (24) शनिवार की सुबह अपने घर में था, तभी घर की कच्ची दीवार गिर जाने से वह मलबे में दब गया। परिजनों और पड़ोसियों ने उसे मलबे से बाहर निकाला। उसका जिला अस्पताल में उपचार किया गया। (संवाद)

व्यापारियों के गोदामों में भरा पानी, 20 लाख का अनाज सड़ा
बांदा। तिंदवारी रोड स्थित गल्ला मंडी में व्यापारियों के गोदाम में भारी जलभराव हो गया। इससे 20 लाख का अनाज सड़ गया। सड़ांध से पूरे मंडी परिसर में लोग नाक दबाकर निकलते रहे। व्यापारी अपने टुल्लू पंप लगाकर माल गोदाम का पानी बाहर निकालते रहे। व्यापारियों ने सुबह सदर तहसील में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। डीएम ने तत्काल सिटी मजिस्ट्रेट को व्यापारियों के साथ मंडी परिषद भेजा और शीघ्र समस्या समाधान करने का आदेश दिया। सिटी मजिस्ट्रेट मंडी पहुंचे और नगर पालिका की जेसीबी मशीन से नाली के ऊपर अतिक्रमण को हटाया। साथ ही नाली की सफाई कराई, लेकिन इससे भी मंडी में हो रहे जल भराव का कोई समाधान नहीं हुआ।

वर्जन...
-केन नदी बढ़ने से पैलानी और सदर क्षेत्र में कुछ गांवों के बाहर तक पानी पहुंच गया था। केन के उतरने के बाद स्थिति ठीक है। मौके पर एसडीएम और तहसीलदार सहित लेखपालों को लगाया गया है। अभी कहीं ज्यादा नुकसान व गांवों के प्रभावित होने की जानकारी नहीं। -राजेश कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, बांदा।
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