बांदा। सूखे से प्रभावित किसानों को सूखा राहत की धनराशि देने में नरैनी ब्लाक सबसे पीछे है। यहां लघु व सीमांत किसानों को महज 20 और बड़े किसानों को 16 फीसदी धनराशि का वितरण किया है। सदर तहसील के अधिकारियों ने सूखा राहत का पैसा बांटने में सबसे ज्यादा तेजी दिखाई। यहां 90 फीसदी से ऊपर धनराशि किसानों के खातों में भेजी गई है।
रवि-2016 में सूखे की भेंट चढ़ी फसलों का मुआवजा देने की प्रक्रिया तेजी नहीं पकड़ पा रही है। शान ने लघु व सीमांत किसानों के लिए 1.58 अरब और वृहद काश्तकारों के लिए 45 करोड़ 62 लाख रुपये जारी किए थे। प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक छोटे व मझोले किसानों को अभी तक 68 करोड़ 95 लाख रुपये बांटे गए हैं। यह महज 43 फीसदी है। ऐसे ही बड़े काश्तकारों में 33 करोड़ 29 लाख रुपये बांटने का दावा किया जा रहा है।
छोटे किसानों को वितरित करने के लिए अभी करीब 90 करोड़ रुपये तहसील व जिला प्रशासन स्तर पर फंसा है। बांदा तहसील में 27 करोड़ में 24.99 करोड़ रुपये, बबेरू में 43.50 करोड़ में 17.51 करोड़, नरैनी में 29.50 करोड़ में 5.95 करोड़, अतर्रा में 40 करोड़ में 13.65 और पैलानी तहसील में 18.11 करोड़ करोड़ में 6.83 करोड़ रुपये वितति किए जा चुके हैं।
ऐसे ही सदर तहसील के बड़े किसानों में शासन से आई धनराशि 7.09 करोड़ के मुकाबले 7.7 करोड़ रुपये, बबेरू में 13.71 करोड़ में 13.28 करोड़, नरैनी में 9.52 करोड़ में 1.53 करोड़, अतर्रा तहसील में 11.66 करोड़ में 7.76 करोड़ और पैलानी तहसील में शासन से मिली 45 करोड़ धनराशि में 3.63 करोड़ रुपये किसानों के खातों में भेजने का दावा है। एडीएम गंगाराम गुप्ता ने बताया कि जिन किसानों ने अभी तक बैंक खाता संख्या उपलब्ध न कराया हो तो वे लेखपालों को सभी जरूरी कागजात मुहैया कराएं।