बांदा। करीब 17 साल पुराने सड़क हादसे के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) प्रवीण कुमार सिंह द्वितीय ने अपील स्वीकार करते हुए चालक अय्याज अहमद को बरी कर दिया। अदालत ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) बांदा के 4 फरवरी 2025 के फैसले को निरस्त कर दिया।
मामला 21 जुलाई 2009 का है। कानपुर देहात निवासी परशुराम अपनी मां राजेश्वरी देवी और अन्य रिश्तेदारों के साथ ट्रक से चित्रकूट दर्शन के लिए जा रहे थे। तिंदवारी-बांदा के बीच ग्राम सिमरी के पास सामने से आ रहे ट्रक ने उनके ट्रक में टक्कर मार दी। हादसे में राजेश्वरी देवी की मौत हो गई।
घटना की रिपोर्ट थाना तिंदवारी में अज्ञात चालक के खिलाफ दर्ज हुई थी। विवेचना में फतेहपुर निवासी अय्याज अहमद पुत्र बशीर अहमद को चालक बताया गया। सीजेएम ने 4 फरवरी 2025 को अय्याज को धारा 304ए में दो वर्ष कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 279 में छह माह कारावास व एक हजार रुपये और धारा 337 में छह माह कारावास व 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ अय्याज ने सत्र न्यायालय में आपराधिक अपील दाखिल की थी।
अपर सत्र न्यायाधीश ने सुनवाई के दौरान पाया कि अभियोजन आरोपी के खिलाफ अपराध संदेह से परे साबित नहीं कर सका। मामले के एकमात्र गवाह प्रहलाद ने जिरह में कहा कि उसे दुर्घटना करने वाले वाहन का नंबर और चालक का नाम याद नहीं है।अदालत ने अय्याज अहमद को तीनों धाराओं में बरी कर दिया।