फोटो - 17 ठेले में पीने के लिए पानी ले जाते बुजुर्ग। संवाद
- फोटो : भागवत कथा कहते सुप्रसिद्ध कथाव्यास इंद्रेश महाराज ।
बदौसा। ग्राम पंचायत दुबरिया, बदौसा और बरछा (ब) में लंबे समय से गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है। ग्रामीणों ने इसके लिए कई बार प्रशासन का दरवाजा खटखटाया, तीन माह बीतने के बाद भी समस्या जस की तस है।
पेयजल के लिए ग्रामीणों ने दो दिसंबर को जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर समस्या बताई थी। इसके बाद डीएम के निर्देश पर एडीएम की अध्यक्षता में जल निगम, जल संस्थान एवं जल जीवन मिशन के अधिकारियों ने 3 दिसम्बर को स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को 10 दिनों में जलापूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया था, लेकिन निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।
दुबरिया गांव निवासी शहीदुल्ला खान, रफीक खान आदि ने बाद में तहसील दिवस में भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इन गांवों में तुर्रा जल टंकी से जलापूर्ति की जाती थी लेकिन नमामि गंगे परियोजना के अधिकारियों ने तुर्रा पुल के पास चेंबर बनाकर मुख्य पाइपलाइन से पानी का प्रवाह तुर्रा गांव की ओर मोड़ दिया।
इससे बदौसा-दुबरिया लाइन में जल दबाव बाधित हो गया है। वर्तमान में दुबरिया में न जल संस्थान की आपूर्ति है और न ही जल जीवन मिशन की। वहीं क्षेत्र में भूजल खारा होने से महिलाएं, बच्चे, किसान और श्रमिक वर्ग विशेष रूप से प्रभावित हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर नियमित जलापूर्ति बहाल करने और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है।