बबुली गैंग द्वारा मजदूरों की पिटाई कर सड़क निर्माण कार्य ठप करा देने और पांच लाख की चौथ मांगने के मामले में पुलिस ने दूसरे दिन भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। अलबत्ता डकैतों की तलाश में कई थानों के फोर्स ने जंगलों की कांबिंग की। उधर, सड़क का निर्माण बंद पड़ा हुआ है। ठेकेदार का कहना है कि पुलिस की सुरक्षा मिलने पर ही काम शुरू कराया जाएगा।
वर्ष 2007 में ठोकिया गिरोह ने फतेहगंज थाना क्षेत्र के बघोलन तिराहे पर आधा दर्जन एसटीएफ जवानों की सामूहिक हत्या कर दी थी। उसी स्थल पर पुलिस ने शहीद स्मारक बना रखा है। इसी स्मारक के पास से कोल्हैंवा गांव तक सांसद निधि से पीडब्ल्यूडी सड़क बनवा रही है। बृहस्पतिवार को तड़के यहां गैंग ने धावा बोल दिया।
निर्माण स्थल पर डेरा डाले आधा दर्जन से ज्यादा मजदूरों को लाठी और बंदूक की बटों से पीटा। उन्हें संदेश दिया कि पांच लाख रुपये चौथ दिए बिना सड़क का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। बदमाश 6 मजदूरों के मोबाइल फोन भी छीन ले गए। दो मकानों में फायरिंग भी की थी। डकैतों ने चौथ भेजने के लिए मजदूरों को एक मोबाइल फोन नंबर भी दिया था। हालांकि यह स्विच ऑफ है। उधर, सहमे मजदूर वहां से चले गए हैं।
बदमाशों की दुस्साहपूर्ण वारदात के बाद पुलिस हरकत में तो आई लेकिन इस घटना की रिपोर्ट दर्ज करना फिलहाल मुनासिब नहीं समझा। घटना के दूसरे दिन शुक्रवार को भी सड़क निर्माण नहीं शुरू हो पाया। सड़क निर्माण का काम देख रहे ठेकेदार के प्रतिनिधि आनंद द्विवेदी ने बताया कि ठेकेदार जयप्रकाश पांडेय के आने पर पुलिस को तहरीर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भरतकूप (चित्रकूट) पुलिस को मौखिक जानकारी दी गई है।
पुलिस सुरक्षा मिलने के बाद सड़क का निर्माण शुरू होगा। उधर, घटनास्थल के पास रह रहे राजा उपाध्याय के मकान में डकैतों ने गोलीबारी की थी। राजा उपाध्याय ने फतेहगंज थाने में तहरीर दी है। लेकिन अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। थानाध्यक्ष रामाश्रय ने बताया कि अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। कांबिंग की जा रही है। उधर, गिरोह के अभी भी कोल्हौंआ गांव के पास झीर कठारी पहाड़ी पर मौजूद होने की सूचनाएं मिल रही हैं।
कई थानों की फोर्स कांबिंग में लगाई गई
बदौसा। पुलिस द्वारा निर्मित शहीद स्मारक की नाकतले बबुली गैंग के तांडव पर भारी पुलिस बल ने फतेहगंज थाना क्षेत्र में कांबिंग शुरू कर दी है। पुलिस की प्रेस नोट में बताया गया है कि डकैतों की चहलकदमी की सूचना पर फतेहगंज, बदौसा, अतर्रा थानों और यूपी-100 पुलिस को दस्यु प्रभावित क्षेत्रों के जंगलों में भेजा गया है।
हालांकि पुलिस ने डकैतों द्वारा मजदूरों के साथ की गई मारपीट को चित्रकूट जनपद सीमा में बताया है। शुक्रवार को अतर्रा थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह, बदौसा थानाध्यक्ष आलोक सिंह, फतेहगंज थाना प्रभारी निरीक्षक रामाश्रय आधुनिक असलहों से लैस होकर बघोलन, राजाडांड़ी, गोबरी आदि गांवों और जंगलों में कांबिंग करते रहे।