बांदा। बुंदेलखंड के महत्वपूर्ण रेल मार्ग झांसी-बांदा-मानिकपुर का दोहरीकरण दो साल बाद 2022-23 में पूरा हो जाने का रेलवे ने दावा किया है। दूसरी तरफ इस लंबे रूट के दोहरीकरण में छोटे-बड़े पुल, पुलिया और भवन बनना है, लेकिन अब तक इनका सिर्फ दो फीसदी ही काम हुआ है। पूरे मार्ग के दोहरीकरण पर 4329 करोड़ से ज्यादा खर्च होंगे।
आरटीआई कार्यकर्ता कुलदीप शुक्ला ने हाल ही में उत्तर मध्य रेलवे से जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत सूचना मांगी थी कि इस मार्ग के दोहरणीकरण पर कितनी लागत आएगी? कितना बजट अलाट हो चुका है? यह काम कब पूरा होगा? कितने पुल-पुलियां बनेंगे? इत्यादि।
इस पर उत्तर मध्य रेलवे (झांसी) के डिप्टी चीफ इंजीनियर ने कुलदीप शुक्ल को दी सूचना में बताया है कि झांसी-बांदा-मानिकपुर रेल मार्ग के दोहरीकरण की लागत 4329.53 करोड़ रुपये है। पिछले वर्ष 2019-20 में 3 अरब 40 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। यह भी बताया है कि दोहरीकरण का काम वर्ष 2022-23 में पूरा करने का लक्ष्य है।
डिप्टी चीफ इंजीनियर ने यह भी बताया है कि दोहरीकरण के दौरान बिल्डिंग, मिट़्टी कार्य और ब्रिज (पुल) निर्माण शामिल है। फिलहाल दोहरीकरण का कार्य दो फीसदी पूरा हुआ है। यह भी बताया है कि पूरे रूट पर 4 बड़े महत्वपूर्ण ब्रिज बनाए जाने हैं।
इनके अलावा 42 अन्य बड़े पुल और 456 छोटी पुलिया का निर्माण होगा। जल्द ही यह निर्माण कार्य शुरू होगा। डिप्टी चीफ इंजीनियर ने यह भी जानकारी दी है कि इस कार्य के इंचार्ज कौन हैं।