सिमौनी गांव के स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य परीक्षण कराते मरीज। संवाद
तिंदवारी/बबेरू। जिले के पीएचसी व सीएचसी में रविवार को स्वास्थ्य मेला आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले में करीब 300 मरीज पहुंचे। मेले में डॉक्टर देर से पहुंचे। जांच हुई तो मरीजों को दवाओं के लिए भटकना पड़ा। मेले में कई लोगों के आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए। यह मेला महज औपचारिकता में निपट गया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिंदवारी में लगे आरोग्य मेले में सुबह से मरीजों की लाइन लग गई, पर डॉक्टर नहीं पहुंचे। डॉक्टर के आने के बाद 50 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। मेला में चर्मरोग, पेटदर्द, खांसी, जुकाम, डायरिया, बुखार रोग से संबंधित रोगी आए। बुखार से पीड़ित खप्टिहा कलां गांव के अनुज ने बताया कि जब वह उपचार के लिए पहुंचे तो चिकित्सक नहीं आए थे। वहीं आबादी की सुशीला, तिंदवारी के रोहन, गोखरही की उमा आदि ने दवाओं के लिए परेशान होने की बात कही। चिकित्सक डॉ. श्रेयांश सिंह ने बताया कि सभी मरीजों को परीक्षण के बाद दवा वितरित की गई। इस मौके पर स्वास्थ्य कर्मी साेनू पाखरे सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे। वहीं, पीएचसी सिमौनी में बुखार, जुकाम, खांसी व पेटदर्द से संबंधित 17 मरीज आए। यहां चिकित्सक डॉ. कमलेश कुमार ने उनका परीक्षण किया। यहां भी मरीज दवा के लिए भटकते नजर आए। इस मौके पर फार्मासिस्ट चंद्रकांत व सफाई कर्मी मुकेश सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे। अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश ने बताया कि भभुवा, पखरौली, आहार, रयान व शिव गांव सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में आरोग्य मेले आयोजित किए गए। मेले में मरीजों ने अपना परीक्षण कराया है।
सिमौनी गांव के स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य परीक्षण कराते मरीज। संवाद