बांदा। मंडलायुक्त गौरव दयाल ने बैठक में कोविड मरीजों के इलाज में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं। पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में आने वालों की पहचान कर उनकी रैपिड एंटीजन टेस्ट करने को कहा। कंटेनमेंट जोन में शासन की गाइड लाइन का पालन कराया जाए।
कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए कैंप कार्यालय में हुई बैठक में मंडलायुक्त ने कहा कि चारों जिलों के जिलाधिकारी रोजाना एकीकृत कोविड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर महामारी रोकने पर चर्चा करें। होम आइसोलेशन मरीजों का कंट्रोल सेंटर रोजाना फीड बैक लेगा।
डोर-टू-डोर कार्य कर रहीं सर्वे टीमों की भी समीक्षा करें। संदिग्ध/पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आने वालों की जानकारी जुटाकर 24 घंटे के अंदर जांच कराएं। लॉजिस्टिक तथा रैपिड एंटीजन टेस्ट को बढ़ाया जाए। आईएलआई/एसएआरआई के लक्षणों वाले लोगों की पहचान की जाए। ट्रेसिंग में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की जाएगी।
यह भी कहा कि राज्यों/अन्य जिलों से आ रहे व्यक्तियों पर टीमें निगरानी रखें। कोविड अस्पतालों में इलाज में कोई देरी नहीं होना चाहिए, जिससे मृत्यु की संख्या को कम किया जा सके। वरिष्ठ डॉक्टर अपनी शिफ्ट में दिन में कम से कम 2 से 3 बार मरीजों को जरूर देखें।
एंबुलेंस सेवा को भी तेज रखें। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक के. सत्यनारायण, डीएम अमित सिंह बंसल, मुख्य विकास अधिकारी हरिश्चंद्र वर्मा, नगर मजिस्ट्रेट सुरेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएन मिश्र, मेडिकल कालेज प्रिंसिपल डॉ. मुकेश कुमार यादव मौजूद रहे।
मंडलायुक्त गौरव दयाल ने राजकीय मेडिकल कालेज में निर्माणाधीन आरटीपीसीआर लैब का निरीक्षण किया। प्रिंसिपल डॉ. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि कुछ मशीनें आना बाकी है। लैब शुरू होने पर 24 घंटे के अंदर जांच रिपोर्ट आ जाएगी।
कोरोना जांच रिपोर्ट आ जाएगी। हालांकि आरटीपीसीआर मशीन की क्षमता एक दिन में 100 सैंपल जांच की है। मंडलायुक्त ने प्रिंसिपल को निर्देश दिए कि शीघ्र मशीन लगाकर जांच शुरू करें। निर्माणाधीन लैब में बिजली के तार बाहर होने पर इन्हें अंडरग्राउंड किए जाने और लैब की सफाई के निर्देश दिए। 10 दिनों में लैब चालू हो जाने की उम्मीद जताई गई।