ओलावृष्टि और बारिश से फसलों को पहुंचे भारी नुकसान पर मुआवजा की मांगने का शोर थम नहीं रहा। किसान सेना ने शुक्रवार से उपवास शुरू करने की घोषणा की है।
उधर, अफसरों ने अब खेतों में जाकर बर्बाद हुई फसल की नब्ज टटोलनी शुरू कर दी है। डीएम और एसपी ने कई गांवों में फसलों का खुद निरीक्षण किया। बृहस्पतिवार को भी तमाम गांवों के किसान व किसान नेताओं की मुआवजा मांगने की गूंज जारी रही।
भारतीय किसान सेना ने अमारा गांव स्थित अपने किसान भवन कार्यालय में शुक्रवार से उपवास की घोषणा की है। अध्यक्ष रमाकांत मिश्र ने कहा है कि यह 10 बजे सुबह शुरू होगा। उन्होंने कहा है कि किसानों के घरों में चूल्हे ठंडे पड़ गए हैं। मांग की कि 20 हजार रुपये प्रति बीघा मुआवजा दिया जाए।
उधर, डीएम सुरेश कुमार ने पिपरहरी गांव में खुद खेतों पर जाकर मसूर, मटर, चना, अरहर, लाही, अलसी आदि की फसलें देखीं। उन्होंने किसानों को भरपूर भरोसा दिलाया कि भरपाई के लिए लेखपालों को सर्वे में लगा दिया गया है। डीएम ने पलरा गांव का भी निरीक्षण किया। उनके साथ एसपी राकेश शंकर, तहसीलदार संत कुमार और ओएसडी मुहीब अहमद भी थे।
सपा जिला सचिव प्रदीप यादव और लोहिया वाहिनी जिलाध्यक्ष अनूप यादव ने एसडीएम सदर प्रहलाद सिंह के साथ पचनेही, बरगाहनी, जारी और महुई गांवों का निरीक्षण किया। सपा नेताओं ने कहा कि यहां 90 फीसदी फसलों का नुकसान हुआ है। अतर्रा तहसील के गुमाई के किसानों ने मुआवजे की मांग की है।
तहसीलदार राजेश कुमार मिश्र और नायब तहसीलदार संजय अग्रहरि ने गांव का सर्वे किया। किसान संकटा प्रसाद त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र जारी कर बुंदेलखंड के किसानों की भरपूर मदद की मांग की है।
बबेरू/कमासिन प्रतिनिधि के अनुसार, विधायक विशंभर सिंह यादव ने नायब तहसीलदार दिलीप कुमार और कानूनगो व लेखपालों के साथ कमासिन, पछौवां, मुसीवां, नारायनपुर, जोरावरपुर, इटरा, कठार, खटान, दादौं, औदहा गांवों का निरीक्षण किया। उनके साथ छेदीलाल गुप्ता, जुग्गीलाल यादव, लखन निषाद, दिलीप सोनी, अभिषेक गुप्ता, अजीत सिंह, अनिल सिंह आदि शामिल रहे।
नरैनी प्रतिनिधि के अनुसार, सपा उपाध्यक्ष रामकिशोर सिंह, विधान सभा क्षेत्र अध्यक्ष बसंत कुमार पटेल, अतर्रा नगर अध्यक्ष संजय साहू आदि ने गांवों का भ्रमण कर बैठक में कहा कि किसानों को पूरी मदद दिलवाई जाएगी। राजेंद्र कुशवाहा, रामधनी रैकवार, सुंदरलाल निषाद, शरद यादव, उमेश राजपूत, शिवकरन, अनूप वसीम आदि शामिल रहे।
खप्टिहाकलां प्रतिनिधि के अनुसार, एडीएम दया शंकर पांडेय ने किसानों से मिलकर उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार से यथा संभव पूरी मदद कराई जाएगी। एसडीएम पैलानी मनोज कुमार सिंह, नायब तहसीलदार विपिन द्विवेदी आदि उनके साथ थे।
कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम चालू
बांदा। कलेक्ट्रेट में दैवीय आपदा अनुभाग ने ओलावृष्टि और बारिश से फसलों को हुई भीषण क्षति और सर्वे आदि के मद्देनजर कलेक्ट्रेट में तत्काल प्रभाव से कंट्रोल रूम खोल दिया है। यह रोजाना सुबह 8 से रात 8 बजे तक चालू रहेगा।
इसका फोन नंबर 05192-285260 है। टोल फ्री नंबर 1077 है। कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी फसलों से संबंधित सभी सूचनाएं रजिस्टर में नोट करेंगे और संबंधित एसडीएम को बताएंगे। कंट्रोल रूम का संचालन प्रभारी मुख्य राजस्व लेखाकार रजाउल मुस्तफा करेंगे। 20 कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया गया है।
अतर्रा प्रतिनिधि के अनुसार, किसानों और फसलोें के सर्वे से संबंधित जानकारियां और शिकायतें दर्ज कराने के लिए यहां तहसील में कंट्रोल रूम खोला गया है। तहसीलदार राजेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि यह सुबह 8 से रात 8 बजे तक काम करेगा। फोन नंबर 05191-211520 है।