बांदा। 59 घंटे का कोरोना कर्फ्यू (वीकेंड लॉकडाउन) सोमवार को सुबह सात बजे जैसे खत्म हुआ, वैसे ही लोग घरों से बेखौफ होकर बाजारों में उमड़ पड़े। इस दौरान अधिकतर लोग बिना मास्क के ही चले आए। इनको न तो कोरोना का कोई खौफ था और न ही बचाव की जरूरत ही समझी। सोशल डिस्टेंसिंग तो पूरी तरह से धड़ाम ही नजर आई।
भीड़ की वजह से दिन में कई बार जाम भी लगा। त्योहारी सीजन और शादी-ब्याह की सहालग के चलते लोगों की भीड़ बाजार की गलियों को तंग करती रही। शुक्रवार की रात आठ बजे से शुरू हुआ 59 घंटे का कोरोना कर्फ्यू (वीकेंड लॉकडाउन) सोमवार को सुबह सात बजे खत्म हो गया। दो दिन तक लोग घरों में लॉक रहे। तीसरे दिन लॉक खुला तो बाजार भी गुलजार नजर आए। सब्जी, किराना, घी-तेल, पान-गुटका, कपड़ा, ज्वैलरी, कास्मेटिक्स, ब्यूटी पार्लर, सिंवई, सूतफेनी आदि की दुकानों में चहल-पहल रही। भीड़ की वजह से दिन में कई-कई बार जाम की नौबत भी आई। उधर, पंचायत चुनाव में ड्यूटी की वजह से पुलिस भी नहीं दिखाई पड़ी। जिससे ई-रिक्शा, बाइक सवार और चार पहिया वाहन की वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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बैंकों में लगी रही लाइनें
दो दिन की बंदी के बाद खुले बैंकों में भी अच्छी खासी भीड़ नजर आई। लोग अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए बैंकों में खड़े नजर आए। यहां सैनिटाइज कर ग्राहकों को एक-एक करके प्रवेश दिया गया। बैंकों में मास्क का पूरा ख्याल रखा गया। एटीएम में भी परदेसी यात्री पैसा निकालते दिखाई दिए। रोडवेज बसों से लौटे प्रवासियों ने भी एटीएम का सहारा लिया।
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दिन में कई बार लगा जाम
शहर में सोमवार को दिन में कई बार जाम लगा। महेश्वरी देवी मंदिर चौराहा, छावनी चौराहा, स्टेशन रोड, बाबूलाल चौराहा, खूंटी चौराहा, इत्यादि में पल-पल जाम लगता रहा। स्टेशन रोड में मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस भी फंस गई। इससे तीमारदार परेशान रहे। उधर, बलखंडी नाका से लेकर शंकर गुरु चौराहा तक ई-रिक्शा से कई बार जाम लगा रहा।
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सेंट्रल बैंक में लेनदेन बंद होने से ग्राहक परेशान
खप्टिहा कलां। पैलानी गांव में स्थित सेंट्रल बैंक आफ इंडिया शाखा में पांच दिन से लेनदेन न होने से खाताधारक खासे परेशान हैं। 42 डिग्री के तापमान में कोसों दूर से पैसा निकालने आने वाले खाताधारकों को मायूसी हाथ लग रही है। कोविड-19 संक्रमण के साथ ही शादियां और त्योहारी सीजन को लेकर लोग ज्यादा से ज्यादा बाजारों का रुख कर रहे हैं। ज्यादातर घरों में बुखार, सर्दी, खांसी, जुखाम होने से इलाज के लिए पैसों की जरूरत पड़ रही है। उधर, प्रबंधक के कोरोना संक्रमित होने और डाटा मशीन के खराब होने से लेनदेन बाधित है। खाताधारकों का कहना है कि लेनदेन की व्यवस्था कराई जाए। (संवाद)