दिन में खदान से हटाकर खेत में यूं खड़ी की जातीं हैं पोकलैंड मशीन।
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बांदा/बदौसा। दिन में फावडे़ और रात में पोकलैंड से खनन की शिकायतों और मीडिया में आ रही खबरों पर बुधवार को सुबह डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने चंदौर गांव की बालू खदान में निरीक्षण किया। उन्हें वहां कोई मशीन नजर नहीं आई। उधर, ग्रामीणों ने कहा कि खदान से महज दो फर्लांग दूर खेत के मैदान में पोकलैंड मशीन खड़ी हुई थी। ग्रामीणों के मुताबिक रात में मशीनों से ही खनन होता है। डीएम ने खदान में मजदूरों और ग्रामीणों से बात की। खदान ठेकेदार वीरेंद्र सिंह को निर्देश दिया कि मजदूरों से खनन कराएं। साथ ही ग्राम प्रधान और ग्रामीणों को खबरदार किया कि खनन में अनावश्यक हस्तक्षेप न करें। यह भी कहा कि मशीनों से खनन हो तो फोटो खींचकर उन्हें भेजें। वह कार्रवाई करेंगे। ग्रामीणों की जरूरत के मद्देनजर ट्रैक्टरों से बालू के रवन्ने काटने के भी निर्देश दिए। डीएम के साथ ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शैलेश कुमार (आईएएस), एसडीएम सुरेंद्र प्रसाद यादव (बांदा) और प्रहलाद सिंह (अतर्रा) भी थे। उधर, ग्रामीणों ने बताया कि खदान से महज दो फर्लांग दूर खेत में पोकलैंड मशीन खड़ी हुई थी। इसे रात में खदान लाकर खनन कराया जाता है।
उधर, बदौसा कस्बे में बागै नदी में अवैध खनन कर गधों से ढुलान जारी है। बीती रात पुलिस और गधेड़ों के बीच शह-मात का खेल चलता रहा। पुलिस एक रास्ते में पहरा लगाती तो गधेड़ दूसरे से बालू निकाल ले जाते। इस धमाचौकड़ी में कई इलाकों में लोगों की नींद दूभर हो गई।