पिता की गैर इरादतन हत्या में अदालत ने आरोपी पुत्र को 10 साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। घटना के बाद से अभियुक्त जेल में है। 26 महीने में मामले का निस्तारण हो गया।
नरैनी कोतवाली क्षेत्र के पड़मई गांव निवासी रामकेश ने 3 जुलाई 2015 को दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि सुबह 7 बजे उसके पिता नत्थूराम बगीचे की रखवाली कर रहा था। इसी बीच बड़ा भाई संतोष कुमार उर्फ संतू हथौड़ा-छेनी लेकर बगीचे पहुंचा और सूखे पेड़ की डाल चीरने लगा। पिता नत्थूराम ने लकड़ी काटने से मना किया तो गुस्से में आकर संतू ने उसके सिर पर हथौड़ा से वार कर दिया। नत्थूराम वहीं बेहोश होकर लहूलुहान हालत में गिर पड़ा। रामकेश व परिजनों ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नरैनी पहुंचाया। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। उधर, घटना के बाद संतोष फरार हो गया।
पुलिस ने दूसरे दिन संतोष को गिरफ्तार करने के बाद उसके विरुद्ध अदालत में गैरइरादतन हत्या के तहत आरोप पत्र दाखिल किया। जनपद न्यायाधीश भूपेंद्र सहाय की अदालत में सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज यादव व सहायक शासकीय अधिवक्ता मिस्कीन अली ने 5 गवाह पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश ने अभियुक्त को धारा 304 में 10 साल की जेल और जुर्माना से दंडित किया। गिरफ्तारी के बाद से अभियुक्त जेल में है। हाईकोर्ट से जमानत की याचिका खारिज हो चुकी है।