Diwali celebrations complete with brother's tilak
- फोटो : BANDA
बांदा। बहन और भाइयों के बीच प्रेम का प्रतीक भइया दूज श्रद्धा से मनाया गया। एक-दूसरे से रूबरू होने के लिए भाई-बहन दूर-दूर से घर पहुंचे। बहनों ने व्रत, पूजा और क था के बीच पूजन किया और उनकी लंबी उम्र की कामना की। भाइयों ने बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हुए उन्हें तोहफे भी दिए।
जेल में कोरोना प्रतिबंधों के चलते भाई-बहन मिल नहीं सके। अलबत्ता बहन या भाइयों की सामग्री/तोहफे जेल प्रशासन ने लेकर उनके भाई/बहनों तक पहुंचाए। इधर, रविवार को परंपरा के मुताबिक दिवारी नृत्य की धूम रही।
विशेष वेशभूषा में सजे दिवारी कलाकारों के जत्थे गांव-गांव से शहर आए। महेश्वरी देवी मंदिर के सामने लाठी कला का शानदार और आर्कषक प्रदर्शन किया। इसका लुत्फ लेने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।
बड़ोखर खुर्द गांव में बुंदेलखंड के मशहूर दिवारी नृत्य के कलाकार रमेश पाल की टीम ने प्रदर्शन किया। इसका वर्चुअल प्रसारण भी हुआ। दिवारी नृत्य लेखक डॉ. जनार्दन प्रसाद त्रिपाठी ने दिवारी नृत्य के बारे में बताया।
वर्चुअल में राजेश शुक्ला, डॉ. नंदिता पाठक, डॉ. भरत पाठक और प्रसिद्ध पत्रकार राजे बादल ने भी भाग लिया। घरों में गोबर से प्रतीकात्मक गोवर्धन पर्वत बनाकर पूजा की गई।
Diwali celebrations complete with brother's tilak- फोटो : BANDA
Diwali celebrations complete with brother's tilak- फोटो : BANDA
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