बांदा। पंचायत चुनाव में डीडीसी और बीडीसी पदों पर अपने अधिकृत या समर्थित प्रत्याशी खड़ा करने से कन्नी काट गई सपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद खुलकर दांव आजमाने की रणनीति तैयार कर ली है। अध्यक्ष पद के लिए सपा प्रत्याशी घोषित करेगी। इसके लिए सपा के प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने हस्ताक्षरों से एक पत्र जिला, नगर अध्यक्षों व महासचिवों को जारी किया है। यह पत्र मिलने के बाद स्थानीय सपा नेता अध्यक्ष पद के लिए जिताऊ और टिकाऊ जिला पंचायत सदस्य की तलाश में जुट गए हैं।
डीडीसी और बीडीसी चुनाव में सपा ने पहले तो उम्मीदवारी के लिए आदेवन मांगे लेकिन बाद में इस फैसले से पीछे हट गई। दोनों पदों पर अपने समर्थित प्रत्याशियों को लड़ाने से मना कर दिया। सपा उम्मीदवार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े। जबकि बसपा, भाजपा और कांग्रेस ने प्रत्याशी घोषित करके चुनाव लड़ा। अब जबकि चुनाव नतीजे सामने आ चुके हैं तब सपा ने नई रणनीति अपनाते हुए
जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर अपने अधिकृत प्रत्याशी लड़ाने की घोषणा कर दी है।
सपा प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीन दिन पूर्व सभी जिलाध्यक्ष/महासचिवों को अपने हस्ताक्षर से एक पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि राज्य संसदीय बोर्ड की छह नवंबर को हुई बैठक में निर्णय लिया गया है कि सभी 74 जनपदों में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर सपा के प्रत्याशी घोषित किए जाएंगे। प्रदेश मुखिया ने कहा है कि जिला पंचायत के जो सदस्य अध्यक्ष का चुनाव लड़ना चाहते हैं, वे अपना आवेदन निर्धारित प्रारूप पर 16 नवंबर तक सपा के जिला कार्यालय मेें दे सकते हैं। आवेदन की प्रति सपा प्रदेश कार्यालय को फैक्स करने को भी कहा है।
जिला नेतृत्व आवेदकों की सूची तैयार करेगा और उसमें अपनी रिपोर्ट (टिप्पणी) लगाकर 18 नवंबर को फैक्स से प्रदेश कार्यालय भेजेगा। निर्धारित प्रारूप में 11 बिंदु हैं। इसमें शैक्षिक योग्यता और सपा में कब से हैं, पूछा गया है। साथ ही यह भी बताने को कहा गया है कि उनके समर्थन में कितने जिला पंचायत सदस्य हैं।