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निदेशक की क्लास में खुली शिक्षा की पोल

Tue, 14 Jul 2015 11:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को ट्यूशन पढ़े बिना काम नहीं चल रहा। यह बात चित्रकूटधाम मंडल के मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक द्वारा स्कूलों में किए गए औचक निरीक्षण में सामने आई। परिषदीय स्कूलों के जो बच्चे घरों में ट्यूशन पढ़ते हैं उन्हें तो अपने कोर्स का ज्ञान है, बाकी भगवान भरोसे हैं। सहायक निदेशक के टेस्ट में अधिकांश बच्चे तो फेल हुए ही, उनकी टीचर भी पास नहीं हुईं।
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मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (एडी) जीएस राजपूत ने सोमवार को जनपद के 8 प्राइमरी और जूनियर स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण किया। प्राथमिक विद्यालय लामा भाग-एक (बड़ोखर खुर्द) में एडी के सवालों का जवाब वही बच्चे दे पाए जो घरों में ट्यूशन पढ़ रहे हैं।

एडी ने यहां स्कूल स्टाफ को शैक्षिक स्तर सुधारने की कड़ी चेतावनी देते हुए एक माह की मोहलत दी। पुन: निरीक्षण में सुधार न मिलने पर प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी दी। यही हाल प्राथमिक विद्यालय भाग-दो का रहा। यहां चौथी कक्षा की छात्रा हिंदी का वाक्य नहीं पढ़ पाई। 5वीं कक्षा में सिर्फ एक छात्रा जवाब दे पाई जो घर में ट्यूशन पढ़ती है।
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यहां भी एडी ने एक माह की मोहलत देते हुए चेतावनी दी। कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय, लामा ने कक्षा-6 में सिर्फ एक छात्रा दिपांशी हिंदी और गणित के सवाल का सही जवाब दे पाई। अन्य छात्र जवाब नहीं दे सके। छात्रा दिपांशी ने बताया कि वह घर में ट्यूशन पढ़ती है।

यहां भी सहायक निदेशक ने एक माह में सुधार की चेतावनी दी। इस विद्यालय में टीचर्स की संख्या मानक से ज्यादा है। जबकि 100 छात्रों पर एक अनुदेशक का मानक पूरा नहीं है। उच्च प्राथमिक विद्यालय, करहिया में बच्चों के साथ उनकी टीचर सहायक निदेशक के टेस्ट में फेल हो गईं।

यहां 8वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं से एडी ने अंग्रेजी और संस्कृत के अनुवाद कराए। बच्चों ने पूरी तरह गलत बताए। विषय अध्यापिका ने अंग्रेजी अनुवाद गलत बताया। एडी ने इस पर खेद जताया। प्राथमिक विद्यालय, करहिया में भी 5वीं के बच्चे 2 अंकों का गुणा नहीं कर सके।

प्राथमिक विद्यालय, मवई बुजुर्ग में 5वीं के कई बच्चे भिन्न के योग का सवाल नहीं बता पाए। कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय, मवई बुजुर्ग में 6वीं कक्षा की छात्राएं हिंदी नहीं पढ़ पाईं।

110 बच्चों के लिए दो किलो आलू की सब्जी
बांदा। मिड-डे मील के नाम पर बच्चों की थाली में जो परोसा जा रहा है वह भी मंडलीय सहायक निदेशक के निरीक्षण में सामने आ गया। प्राथमिक विद्यालय, पपरेंदा में 110 बच्चों में मात्र दो किलो आलू और आधा किलो बैगन की सब्जी बनवाई गई थी। प्रधानाध्यापक ने इसका ठीकरा ग्राम प्रधान पर फोड़ा। प्राथमिक विद्यालय, लामा भाग-एक में मिड-डे मील का चूल्हा ठंडा मिला।

प्रधानाध्यापक ने सफाई दी कि ग्राम प्रधान ने राशन देर से भेजा है। कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय, लामा में गैस के बजाए चूल्हे पर मिड-डे मील बनते पाया गया। प्रधानाध्यापक का कहना था कि गैस सिलेंडर चोरी हो गया है। उच्च प्राथमिक और प्राथमिक विद्यालय, करहिया में मिड-डे मील की गुणवत्ता ठीक नहीं मिली। प्राथमिक विद्यालय मवई बुजुर्ग में पानी वाली आलू की सब्जी बच्चों को परोसी गई।
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