बांदा। कृषि विश्वविद्यालय में नेटवर्क डिजिटल इनवायरमेंट में कृषि ज्ञान प्रबंधन विषय पर ऑनलाइन कार्यशाला हुई। कुलसचिव डॉ. जीएस पवार ने कहा कि कोविड-19 दौर में डिजिटल पुस्तकालय छात्रों की शिक्षा और शोध में सहायक सिद्ध होगा।
जनसंपर्क अधिकारी डॉ. बीके गुप्ता और पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ. कमालुद्दीन ने बताया कि कार्यशाला का आयोजन बांदा कृषि विश्वविद्यालय एवं भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, बरेली के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। आयोजन सचिव डॉ. कांडपाल (मुख्य तकनीकी अधिकारी भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, बरेली) ने बताया कि ऑनलाइन कार्यशाला में तीन व्याख्यान हुए।
डॉ. के.वी. रंजन (पुस्तकालय अध्यक्ष राष्ट्रीय तकनीकी संस्थान, वारंगल), डॉ. रथिना सबापथी (पुस्तकालय अध्यक्ष, तमिलनाडु), डॉ. केडी तंदेल (कृषि विश्वविद्यालय, नवसारी, गुजरात) व डॉ. यशपाल सिंह (वरिष्ठ वैज्ञानिक, बरेली) ने भी संबोधित किया। एचएस नेगी (सहायक पुस्तकालय अध्यक्ष, बांदा), डॉ. उमेशचंद्र, डॉ. धीरज मिश्रा, डॉ. आनंद चौबे, डॉ. अजय कुमार, डॉ. पूनम, डॉ. आरके सिंह आदि शामिल रहे।