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जश्न के साथ मनाई गई पैगंबर की विलादत

Mon, 12 Dec 2016 11:45 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा
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जुलूसे मोहम्मदी के मंच पर हाजी गुलाम मुस्तफा - फोटो : अमर उजाला
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जोशीले जश्न के साथ सोमवार को पैगंबरे इस्लाम का जन्मदिन मनाया गया। मुख्य आयोजन जुलूसे मोहम्मदी रहा। भारी-भरकम और ऊंचे हरे परचमों के साथ धार्मिक स्थलों के माडल की झांकियां जुलूस में शामिल थीं।
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एक जैसी विभिन्न पोशाकों में बच्चे और युवक जुलूस में नारे (तकबीरें) लगाते रहे। डीजे और बाजे के बीच जुलूस में ऊंट भी शामिल थे। देर रात तक जुलूस और सड़कों पर की गई सजावट और झांकियों की धूम रही। इन्हें देखने के लिए भारी तादाद में लोग उमड़ पड़े। हिंदू-मुस्लिम एकता की वरासत बरकरार रही।

इस्लामी कैलेंडर के रबी अव्वल माह की 12वीं तारीख को मनाए जाने वाले हजरत मोहम्मद का यौमे विलादत (जन्मदिन) की तैयारियां कई दिनों से चल रही थीं। सोमवार को दोपहर करीब एक बजे शहर के विभिन्न इलाकों से आए जुलूसों के जत्थे कोतवाली रोड कालवनगंज में खानकाह दरगाह के सामने इकट्ठा हुए।
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शेख सरवर की मस्जिद के सामने सड़क पर बनाए गए मंच से जुलूस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। मंच पर शहर काजी मौलाना मेराज मसूदी (अकील मियां), जश्ने ईद मीलाद कमेटी संरक्षक पूर्व चेयरमैन अब्दुल हफीज फारुकी (चचा), अध्यक्ष इकबाल बहादुर, महामंत्री हाजी गुलाम मुस्तफा सहित डा.मोहम्मद शोएब, अयूब खां, अजीज उर्फ अज्जन, हाजी जाहिद अली, हाजी मोहम्मद फारुख आदि समेत सिटी मजिस्ट्रेट प्रहलाद सिंह और क्षेत्राधिकारी सदर अजय सिंह चौहान व कोतवाली प्रभारी केपी सिंह आदि उपस्थित रहे। सपा प्रत्याशी हसनुद्दीन सिद्दीकी भी जुलूस में शामिल रहे। जुलूस का समापन ईदगाह चौराहे में देर रात सलाम के साथ हुआ।

मर्दन नाका में अवस्थी पुल और पुलिस चौकी के पास स्थानीय युवकों ने कई मंच बनाकर जुलूस का स्वागत किया। कुंजरहटी, मनोहरीगंज, छावनी, गूलरनाका, अलीगंज, जामा मस्जिद के सामने और ईदगाह चौराहे पर भी मंच और पंडाल सजाए गए। केवटरा रेलवे क्रासिंग, खुटला, निम्नीपार, बंगाली टोला बड़ा डाकघर, ऊंट मोहाल, मर्दन नाका टेलीफोन टावर, छावनी आदि इलाकों में भव्य सजावट की गई थी।

संरक्षक हफीज चचा ने बताया कि बांदा शहर में जुलूसे मोहम्मदी की शुरुआत उन्होंने 1967 में कराई थी।  उधर, मुसलिम घरानों में फातेहा हुई। घरों में हरे झंडे लगाकर खुशियां मनाईं गईं। कोर्रही प्रतिनिधि के मुताबिक जुलूसे मोहम्मदी में जश्न का माहौल रहा। दारुल उलूम गौसिया, दारुल उलूम गुलशने हुसैन, दारुल उलूम फिरत, दारुल उलूम फैजाने रजा, दारुल उलूम खाजा गरीब नवाज आदि ने भव्य जुलूस निकाला। रईस, मोहम्मद रऊफ, मोहम्मद आरिफ, हाफिज शमीम आदि मौजूद रहे।

कस्बों और गांवों में भी रही धूम
बबेरू/नरैनी। हजरत मोहम्मद का जन्मदिन कस्बों और गांवों में भी जोश और परंपराओं के साथ मनाया गया। बबेरू में पुरानी तहसील की बड़ी मसजिद और हमीदिया तालाब से हरे परचमों वाले जुलूस उठे। सजे-धजे घोड़ों पर बच्चे सवार रहे। जगह-जगह फल और मिठाइयों का लंगर हुआ। हरदौली, आलमपुर, बगेहटा, तिलौसा, सिमौनी, पतवन, औगासी आदि में भी जन्मदिन की धूम रही। क्षेत्राधिकारी सत्यवीर सिंह, एसडीएम सुरेंद्र प्रसाद यादव और पुलिस बल तैनात रहा। नरैनी में भी जुलूसे मोहम्मदी निकाला गया।

करतल मार्ग स्थित मस्जिद से जुलूस की शुरूआत हुई। हड़हा कबौली, सराय जदीद, कल्हरा, नसेनी, जमवारा, गोरेपुरवा और लहुरेटा गांवों में भी जश्न और जुलूस निकाले गए। ओरन में नूरी मस्जिद से जुलूस निकला और नगर भ्रमण किया। गिरवां प्रतिनिधि के मुताबिक गांव में मुसलिम बंधुओं ने जुलूस निकाला। जश्न मनाया।

आसपास के मुसलिम गांवों में भी आयोजन हुए। चिल्ला में सादी मदनपुर से जुलूस निकला। हाजी मोहम्मद अयूब अहमद ने हरी झंडी दिखाकर जुलूस रवाना किया। तौफीक अहमद, बिलाल अहमद, जावेद अहमद, मसरुद्दीन, शमसाद अली, अंसार अहमद, प्रधान शकीला बेगम आदि मौजूद रहे।

डीजे बजाने से नहीं माने युवक
बांदा। जुलूसे मोहम्मदी में डीजे और आतिशबाजी न बजाने की नसीहत धरी रह गई। मरकजी कमेटी और कुछ मौलानाओं द्वारा मीटिंगों में कहा गया था कि डीजे और आतिशबाजी जुलूस में न शामिल करें, लेकिन पूर्व संध्या से ही शहर में जगह-जगह तेज आवाज में नात और कव्वालियां बजती रहीं। जुलूस में भी यही हुआ।
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