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निगरानी समिति की बैठक में निशाने पर रहा भूमि संरक्षण विभाग

Sat, 03 Jan 2015 11:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने भ्रष्टाचार को लेकर अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। बुंदेलखंड पैकेज और भूमि संरक्षण विभाग प्रमुख रूप से निशाने पर रहे।
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डीएम ने संबंधित विभागों को एक पखवारे के अंदर कार्यस्थल व खर्च ब्योरा जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने को कहा।शनिवार को विकास भवन सभागार में बैठक में केंद्र पोषित योजनाओं की प्रगति और खर्च पर चर्चा हुई। सांसद भैंरो प्रसाद मिश्र ने आरोप लगाते हुए कहा कि भूमि संरक्षण विभाग ने बुंदेलखंड पैकेज में जमकर धांधली की।

पुरानी बंधियों के ऊपर मिट्टी डालकर नई दिखा दिया। चेकडैमों में भी भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने कहा कि वह इसकी सीबीआई जांच की मांग करेंगे। डीएम सुरेश कुमार ने इन विभागों से एक पखवारे के अंदर ब्योरा देने के निर्देश दिए।
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नरैनी विधायक जीसी दिनकर ने आरोप लगाते हुए कहा कि भूमि संरक्षण विभाग का बजट 70 फीसदी कमीशन में जाता है। जुलाई के बाद मिट्टी पानी में बह जाने की तकनीकी आड़ मिल जाती है। इंदिरा आवास में महुई कुलसारी व सेमरिया कुशल में पात्रों से सुविधा शुल्क वसूला गया। इसे वापस कराया जाए।

जिला पंचायत अध्यक्ष/बसपा जिलाध्यक्ष बल्देव प्रसाद वर्मा व सपा जिला महासचिव राजेंद्र यादव ने भी योजनाओं में धांधली के मुद्दे उठाए। विभागीय अधिकारियों ने मनरेगा, राष्ट्रीय आजीविका मिशन, प्रधान ग्राम सड़क योजना, त्वरित ग्रामीण जलापूर्ति के आंकड़े पेश किए।

डीडीओ व प्रभारी सीडीओ श्रीकृष्ण त्रिपाठी, पीडी भगवती प्रसाद समेत अभियंता मौजूद रहे। उधर, बबेरू विधायक विशंभर सिंह यादव पहुंचते ही बैठने की व्यवस्था को लेकर बिफर गए और बाहर जाने लगे। इस बीच अधिकारी उन्हें समझा-बुझाकर वापस लाए।
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