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डेंगू के लार्वा मिले, 36 गृह स्वामियों को नोटिस

Sat, 27 Oct 2018 10:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
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कूलर में लार्वा की जांच करते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला
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जिले में डेंगू के 9 मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग ने मच्छरों का खोजबीन अभियान छेड़ दिया है। टीमें घर-घर जाकर चौके से लेकर द्वार तक बर्तनों और कूलर आदि में भरे पानी की जांच पड़ताल कर रही हैं। जांच अभियान में 252 घरों में एडीज मच्छर के लार्वा पाए गए हैं। भरा पानी न हटाने पर 36 गृह स्वामियों को नोटिस दिया है। 

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लखनऊ, कानपुर सहित मंडल मुख्यालय बांदा में हाल ही में डेंगू के 9 मरीज चिह्नित हुए हैं। चिकित्सालयों से यहां के सीएमओ को मिली सूचना के बाद मलेरिया विभाग शहर के मोहल्लों में मच्छरों की खोजबीन में जुट गया है। कई इलाकों में पड़ताल के दौरान मलेरिया विभाग की टीम को टायर, कूलर, टीन के कनस्टर, सीमेंट की टंकी, गमले और प्लास्टिक के बर्तनों आदि में एडीज मच्छर के लार्वा मिले हैं।

मलेरिया विभाग के कीट संग्रहकर्ता महेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में फील्ड वर्कर अजय पटेल व रमेशचंद्र की टीम ने अब तक शहर के 5766 घरों में जांच की है। कीट संग्रहकर्ता ने बताया कि टायर में पानी भरे होने के 368 मामलों में 9 में लार्वा पाया गया है। 4348 कूलरों की जांच में 42 में एडीज मच्छर के लार्वा मिले हैं। 2760 टीन कंटेनर में 8 में लार्वा मिला है। 1331 सीमेंट की टंकियों में भरे पानी में 59 में लार्वा पाया गया। 3301 गमलों की जांच में 47 में लार्वा मिले हैं। 16,687 प्लास्टिक के बर्तनों की जांच में 39 में लार्वा मिला है। इसके अलावा 2535 अन्य स्थलों पर भरे पानी की जांच में 48 में लार्वा पाया गया। 
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मलेरिया विभाग की टीम ने लार्वा पाए जाने पर बर्तनों के पानी से उसी समय खाली करा दिया। गृह स्वामियों को हिदायत दी कि पानी भरा न रहने दें। हर हफ्ते बदलते रहें। बताया कि जिन गृह स्वामियों ने पानी बदलने में आनाकानी की है, उन्हें नोटिस दिया है। ऐसे लोगों की संख्या 36 है। ब्यूरो 

लार्वा मिलने पर गृह स्वामियों को जारी नोटिस में सीएमओ ने उत्तर प्रदेश शासन की गजट अधिसूचना का हवाला देकर निर्देश दिया है कि अपने घर में मच्छर जनित स्थितियों को 24 घंटे के अंदर भौतिक, रसायन, जैविक अथवा अन्य किसी माध्यम से समाप्त करना सुनिश्चित करें। वरना उनके विरुद्ध आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। ब्यूरो 

राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि डेंगू से बचाव ही इलाज है। डेंगू के लक्षण में तेज ठंड लगना। तेज बुखार, तेज बदन दर्द, सिर दर्द, आंखों के पिछले हिस्से में दर्द, जिस्म पर लाल रंग के चकत्ते, कमजोरी, भूख न लगना, जी मिचलाना और गंभीर स्थिति पर पहुंचने पर नाक, मुंह, गुदा, मूत्र नली आदि से खून बहना और कभी-कभी बेहोश हो जाने बताया है। उपचार की सलाह में कहा है कि डाक्टर की सलाह पर बुखार कम करने को पैरासिटामॉल दे सकते हैं। बुखार 102 डिग्री से अधिक होने पर जिस्म में पानी की पट्टी रखें। रोगी आराम करे। सामान्य रूप से खाना खाता रहे। सरकारी अस्पताल में भर्ती कराएं। कहा है कि जिला अस्पताल में डेंगू की मुफ्त जांच सुविधा उपलब्ध है। इसके लिए फोटोयुक्त पहचानपत्र लाना होगा। ब्यूरो 
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